अलग-अलग स्थानों पर रहने वाले परिजन बना सकते हैं अलग आईडी

अलग-अलग स्थानों पर रहने वाले परिजन बना सकते हैं अलग आईडी
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि भारत की जनगणना की प्रक्रिया के तहत स्वगणना पोर्टल एसई.सेन्सस.जीओवी.इन पर 15 जून तक उपलब्ध करवाए जा रहे स्व-जनगणना एवं मकानों की डाटा अपलोडिंग के विकल्प का लाभ उठाने वाले लोग अपने परिवार के मुखिया या परिवार के किसी अन्य सदस्य के मोबाइल नंबर पर आईडी जनरेट कर सकते हैं। एक मोबाइल नंबर पर एक ही आईडी बनेगी। अगर किसी परिवार के सदस्य अलग-अलग स्थानों पर रह रहे हैं तो वे भी स्वयं से संबंधित जानकारी अपलोड करके अलग आईडी बना सकते हैं। किराये के मकानों, पीजी और अन्य भवनों में रहने वाले लोग भी अपना डाटा अपलोड करके आईडी जनरेट कर सकते हैं। उपायुक्त ने बताया कि स्व-जनगणना की प्रक्रिया बहुत ही आसान है और इसे कुछ मिनटों में ही पूरा किया जा सकता है। जनगणना के कार्य को तेजी एवं सटीकता के साथ पूर्ण करवाने के लिए यह एक बहुत ही अच्छा विकल्प है।