प्रो. प्रेम कुमार धूमल की दूरदर्शी सोच ने हमीरपुर को बनाया शिक्षा, रोजगार और विकास का सशक्त केंद्र

प्रो. प्रेम कुमार धूमल की दूरदर्शी सोच ने हमीरपुर को बनाया शिक्षा, रोजगार और विकास का सशक्त केंद्र
पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में पूरे प्रदेश के विकास के साथ साथ हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में भी ऐसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए, जिन्होंने क्षेत्र के युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, सरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार तथा आधारभूत विकास के नए अवसर सृजित किए। इनमें इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम), हमीरपुर की स्थापना, हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (एचपीएसएसएसबी), हमीरपुर की स्थापना तथा 66 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही है। प्रो. प्रेम कुमार धूमल के प्रयासों से स्थापित इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम), हमीरपुर आज देश व प्रदेश के अग्रणी होटल प्रबंधन संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। संस्थान की स्थापना का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के युवाओं को होटल प्रबंधन, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था, जिसमें यह संस्थान निरंतर सफल सिद्ध हो रहा है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 में भी संस्थान ने उत्कृष्ट प्लेसमेंट रिकॉर्ड कायम रखा है। इस वर्ष 92 में से 82 अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने कैंपस प्लेसमेंट प्रक्रिया में भाग लिया और सभी 82 विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से रोजगार के प्रस्ताव प्राप्त हुए। इस वर्ष कैंपस भर्ती में ओबेरॉय होटल्स एंड रिसॉर्ट्स, ताज होटल्स, विवांता बाय ताज, द ललित होटल्स, गोल्डन ट्यूलिप, रेडिसन जयपुर, होटल पार्क एस्टीक (पुणे), मैकडॉनल्ड्स, बीकानेरवाला, ट्राइडेंट होटल्स तथा वेंचर प्राइवेट लिमिटेड जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया। संस्थान के कार्यकारी प्रधानाचार्य के अनुसार, स्थापना के लगभग 15 वर्षों में आईएचएम हमीरपुर से तीन वर्षीय बी.एससी. डिग्री पाठ्यक्रम के लगभग 950 विद्यार्थी, क्राफ्ट कोर्स (फूड प्रोडक्शन) के लगभग 441 विद्यार्थी तथा डिप्लोमा इन फूड एंड बेवरेज सर्विस के लगभग 263 विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। संस्थान के पूर्व विद्यार्थी आज देश-विदेश के प्रतिष्ठित होटल, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग में अपनी सेवाएं देकर हमीरपुर का ही नहीं बल्कि प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रो. प्रेम कुमार धूमल के प्रथम मुख्यमंत्री कार्यकाल में वर्ष 1998 में हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (एचपीएसएसएसबी), हमीरपुर की स्थापना भी एक ऐतिहासिक निर्णय था। इस संस्थान की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया का एक समर्पित एवं सुलभ मंच प्राप्त हुआ। अपनी स्थापना के बाद से इस बोर्ड के माध्यम से प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों ने विभिन्न विभागों की भर्ती परीक्षाओं में भाग लिया तथा हजारों युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार प्राप्त हुआ। इस निर्णय ने हमीरपुर को प्रदेश के प्रमुख भर्ती एवं रोजगार केंद्र के रूप में नई पहचान दिलाई। प्रो. प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में 66 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना को भी महत्वपूर्ण गति मिली। वर्ष 2011 में परियोजना को राज्य सरकार से तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद इसकी विभिन्न वैधानिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया गया। वर्तमान में एसजेवीएन द्वारा विकसित की जा रही यह परियोजना प्रतिवर्ष लगभग 304 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन करेगी। परियोजना के निर्माण के दौरान स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं तथा इसके पूर्ण होने के बाद भी क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसरों को और अधिक बल मिलेगा। प्रो. प्रेम कुमार धूमल का सदैव यह स्पष्ट दृष्टिकोण रहा कि विकास केवल आधारभूत ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि युवाओं के लिए स्थायी रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए। आईएचएम हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड तथा धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना उनकी इसी दूरदर्शी सोच और विकासवादी नेतृत्व के सशक्त उदाहरण हैं। इन पहलों ने न केवल हमीरपुर बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का कार्य किया है।