देशभर में वन नेशन, वन इलेक्शन विषय पर चल रहे व्यापक परामर्श अभियान के तहत संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के वरिष्ठ सदस्य अनुराग ठाकुर ने आज गोवा विधानसभा अध्यक्ष गणेश गावंकर तथा नेता प्रतिपक्ष यूरी अलेमाओ के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया।
बैठक के दौरान वन नेशन, वन इलेक्शन के लिए प्रस्तावित संवैधानिक एवं विधिक ढांचे पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें राज्य की प्रशासनिक तैयारियों, संघीय व्यवस्था पर संभावित प्रभाव, चुनावी खर्च में कमी, बार-बार होने वाले चुनावों से शासन व्यवस्था में आने वाले व्यवधान को कम करने तथा विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार किया गया।
गोवा विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने गोवा के दृष्टिकोण से अपने महत्वपूर्ण सुझाव एवं व्यावहारिक अनुभव साझा किए, जो संयुक्त संसदीय समिति के विचार-विमर्श को और समृद्ध करेंगे।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य भारतीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाना, बार-बार होने वाले चुनावों की प्रक्रिया को कम करना, सार्वजनिक धन की व्यापक बचत सुनिश्चित करना तथा सरकारों को दीर्घकालिक विकास और सुशासन पर अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने का अवसर प्रदान करना है।
अनुराग ठाकुर ने गोवा विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष का रचनात्मक सहभागिता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समिति के अध्यक्ष पी. पी. चौधरी के नेतृत्व में संयुक्त संसदीय समिति भारतीय लोकतंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा सहकारी संघवाद की भावना को अक्षुण्ण रखते हुए एक प्रभावी एवं व्यावहारिक व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देशभर में इस परिवर्तनकारी सुधार के प्रति व्यापक समर्थन प्राप्त हो रहा है।