संघर्ष को अपनाएं और विकसित भारत निर्माण में निभाएं भूमिका; अपना ब्रांड स्वयं बनाएं, चुनौतियों से न डरें: अनुराग सिंह ठाकुर

बोले: राहुल गांधी वंदे मातरम् के सम्मान के लिए 3 मिनट 10 सेकंड क्यों नहीं दे सकते, क्या वह स्वयं को संविधान से ऊपर मानते हैं

संघर्ष को अपनाएं और विकसित भारत निर्माण में निभाएं भूमिका; अपना ब्रांड स्वयं बनाएं, चुनौतियों से न डरें: अनुराग सिंह ठाकुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ और आइडिलिक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के संयुक्त दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने एक ही परिसर में कानून और प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों की शिक्षा को एक अनूठा शैक्षणिक वातावरण बताया। उन्होंने कहा कि यह विचारों के आदान-प्रदान और विभिन्न क्षेत्रों के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी मेहनत और उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि जीवन की नई चुनौतियों की शुरुआत भी है। अब कक्षाओं में प्राप्त ज्ञान का उपयोग विद्यार्थियों को अदालतों, कॉरपोरेट जगत और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में करना होगा। अपने प्रेरक संबोधन में अनुराग ठाकुर ने युवाओं से संघर्ष को जीवन का हिस्सा मानकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, अटल बिहारी वाजपेयी और इसरो के वैज्ञानिकों के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि महान उपलब्धियां कठिन परिस्थितियों का सामना करके ही प्राप्त होती हैं। उन्होंने युवाओं को अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने और चुनौतियों को अवसर में बदलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि युवा केवल पारिवारिक व्यवसाय, सिफारिश या किसी दूसरे की पहचान पर निर्भर न रहें, बल्कि अपनी मेहनत, प्रतिभा और ईमानदारी से अपनी स्वतंत्र पहचान और अपना ब्रांड बनाएं। उन्होंने इंदौर के एक स्व-प्रशिक्षित प्रोडक्ट डिजाइनर से लेकर भारत का पहला निजी रूप से निर्मित ऑर्बिटल रॉकेट विकसित करने वाले युवा नवप्रवर्तकों के उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों से नैतिक जोखिम उठाने वाले, नवाचार को अपनाने वाले और रोजगार सृजित करने वाले युवा बनने का आह्वान किया। अनुराग ठाकुर ने कहा कि आने वाले 21 वर्ष देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और आज के युवाओं पर विकसित भारत के निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में देश के युवा सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने सरकार द्वारा किए गए कानूनी सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि औपनिवेशिक दौर के भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता लागू की गई है, जिसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा को भी और मजबूत किया गया है। अनुराग ठाकुर ने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में जहां देश में लगभग 500 स्टार्टअप थे, वहीं आज उनकी संख्या बढ़कर 2.23 लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने नवस्नातक कानून और प्रबंधन पेशेवरों से अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया। इससे पूर्व इंदौर एयरपोर्ट के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में देश के प्रत्येक राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश का युवा राज्य को विकसित मध्य प्रदेश बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के दीक्षांत समारोह केवल डिग्री वितरण के कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि युवाओं को सही दिशा देने और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान के लिए प्रेरित करने के महत्वपूर्ण अवसर हैं। अनुराग ठाकुर ने एक पेड़ मां के नाम अभियान में देशभर में हो रही जनभागीदारी की सराहना की। उन्होंने इंदौर में प्रभावी वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व करने के लिए कैलाश विजयवर्गीय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इंदौर का आईटी और औद्योगिक केंद्र के रूप में तेजी से विकास तथा महाकालेश्वर के दर्शन के लिए बढ़ रही यात्रियों की संख्या मध्य प्रदेश की प्रगति और विकास की गति को दर्शाती है। कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी को देश का युवा तभी गंभीरता से लेगा, जब वह तुष्टिकरण की राजनीति, सनातन धर्म को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां और देश के प्रति अपमानजनक रवैया छोड़ेंगे। उन्होंने गांधी परिवार पर संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान न दिखाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आखिर राहुल गांधी और गांधी परिवार कांग्रेस के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को पूरा गाने और उसका सम्मान करने के लिए 3 मिनट 10 सेकंड का समय क्यों नहीं निकाल सकते। उन्होंने सवाल किया कि क्या गांधी परिवार स्वयं को संविधान से ऊपर मानता है।