कांग्रेस का बंगाल जैसा हश्र पंजाब-हिमाचल में भी तय : राजेंद्र राणा

महिला आरक्षण पर विरोध और झूठी गारंटियों का जनता ने दिया जवाब

कांग्रेस का बंगाल जैसा हश्र पंजाब-हिमाचल में भी तय : राजेंद्र राणा
हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस जिस तरह अपना खाता तक नहीं खोल पाई और हिमाचल से गए कांग्रेस के स्टार प्रचारक भी झूठी गारंटियां परोसने के बावजूद किसी एक सीट पर कांग्रेस की जमानत नहीं बचा पाए, ठीक वैसा ही हश्र अगले वर्ष पंजाब और हिमाचल के विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस का होने वाला है। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महिला आरक्षण बिल को पारित होने से रोकने का प्रयास किया, जिसका सीधा असर महिला मतदाताओं के रुख में देखने को मिला। देश की महिलाओं ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के प्रति अपना गुस्सा मतदान के माध्यम से स्पष्ट रूप से व्यक्त किया है। राजेंद्र राणा ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति केवल भ्रम फैलाने और झूठी गारंटियों के सहारे सत्ता पाने तक सीमित रह गई है, जबकि जनता अब विकास, स्थिरता और मजबूत नेतृत्व के पक्ष में खड़ी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जो जनकल्याणकारी नीतियां लागू की हैं, उनका लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचा है, इसी कारण जनता का भरोसा भाजपा और मोदी सरकार पर लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत को मोदी सरकार की नीतियों की जीत तथा जनता के अटूट विश्वास की जीत बताया। राणा ने कहा कि देश की जनता अब परिवारवाद, तुष्टिकरण और खोखले वादों की राजनीति को पूरी तरह नकार चुकी है। आने वाले समय में पंजाब और हिमाचल में भी कांग्रेस को इसी जनभावना का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा संगठनात्मक मजबूती, विकास कार्यों और जनसमर्थन के आधार पर आने वाले विधानसभा चुनावों में और अधिक मजबूती के साथ उभरेगी, जबकि कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर होता जाएगा। हिमाचल में तो कांग्रेस को खाता खोलने के भी लाले पड़ जाएंगे।