पर्यटन विकसित भारत का एक सशक्त स्तंभ बनेगा, भारत को ‘इन्क्रेडिबल’ से ‘इनवैल्यूएबल’ की ओर बढ़ना होगा : अनुराग सिंह ठाकुर

धर्मशाला मॉडल ने सिद्ध किया है कि खेल अवसंरचना की एक परियोजना पूरे क्षेत्रीय अर्थतंत्र को बदल सकती है

पर्यटन विकसित भारत का एक सशक्त स्तंभ बनेगा, भारत को ‘इन्क्रेडिबल’ से ‘इनवैल्यूएबल’ की ओर बढ़ना होगा : अनुराग सिंह ठाकुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि पर्यटन अब केवल सेवा क्षेत्र नहीं रह गया है, बल्कि यह आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक कूटनीति का एक शक्तिशाली माध्यम बन चुका है, जो विकसित भारत 2047 की यात्रा में देश के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक बन सकता है। वे फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन्स इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी (एफ.ए.आई.टी.एच.) द्वारा आयोजित ‘इन्क्रेडिबल इंडिया : इनवैल्यूएबल इकोनॉमिक्स’ विषयक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। अनुराग सिंह ठाकुर ने एफ.ए.आई.टी.एच. के विजन-2047 का स्वागत करते हुए 3 ट्रिलियन डॉलर की पर्यटन अर्थव्यवस्था, 10 करोड़ रोजगार सृजन तथा वर्ष 2047 तक भारत की अनुमानित 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में लगभग 10 प्रतिशत योगदान के लक्ष्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता के अनुरूप है, जिसके तहत पर्यटन को आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व भारत को उसकी प्राचीन सभ्यता, अध्यात्म, संस्कृति और विविधता के कारण ‘इन्क्रेडिबल इंडिया’ के रूप में पहचानता है, लेकिन अब पर्यटन के माध्यम से उत्पन्न हो रहे आर्थिक अवसरों के कारण भारत ‘इनवैल्यूएबल इंडिया’ के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। हिमाचल प्रदेश को पर्यटन आधारित विकास का सफल उदाहरण बताते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने धर्मशाला मॉडल को राष्ट्रीय अध्ययन का विषय बताया। उन्होंने कहा कि एचपीसीए स्टेडियम केवल क्रिकेट का मैदान नहीं रहा, बल्कि यह पूरे कांगड़ा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला केंद्र बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों से पर्यटकों की संख्या, होटलों की व्यस्तता, परिवहन सेवाओं की मांग, स्थानीय व्यापार और रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। वहीं, गैर-मैच दिनों में भी हजारों पर्यटक स्टेडियम का भ्रमण कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि जब खेल अवसंरचना को स्थानीय संस्कृति, विरासत और आतिथ्य सेवाओं के साथ जोड़ा जाता है, तो इसका बहुगुणक प्रभाव दिखाई देता है। प्रत्येक पर्यटक होटल, होमस्टे, रेस्तरां, टैक्सी संचालकों, हस्तशिल्पियों और छोटे व्यापारियों के लिए नए अवसर लेकर आता है। धर्मशाला इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि खेल पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक पर्यटन मिलकर किस प्रकार सतत क्षेत्रीय विकास का आधार बन सकते हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रसाद योजना, स्वदेश दर्शन योजना, उड़ान योजना के तहत बेहतर हवाई संपर्क, नए हवाई अड्डों, राष्ट्रीय राजमार्गों और वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार, धरोहर संरक्षण, पर्यटन स्थलों के विकास और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के कौशल विकास जैसे प्रयासों से भारत के पर्यटन क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की अग्रणी पर्यटन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और मेडिकल टूरिज्म, वेडिंग टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, क्रूज टूरिज्म, कॉन्फ्रेंस टूरिज्म तथा एडवेंचर टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में निरंतर नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने और देशवासियों को अपने ही देश की विविधता से परिचित कराने के प्रयासों की भी सराहना की। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों का आह्वान करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र को किसी एक प्रमुख आकर्षण—जैसे खेल परिसर, ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक उत्सव या आध्यात्मिक केंद्र—को आधार बनाकर उसके आसपास आतिथ्य, परिवहन, स्थानीय व्यापार और सांस्कृतिक अनुभवों का समग्र तंत्र विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इस मॉडल को देशभर में अपनाया जाए, तो भारत के पर्यटन संबंधी लक्ष्य वर्ष 2047 से पहले ही प्राप्त किए जा सकते हैं। अपने संबोधन के समापन में अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत की पर्यटन गाथा अद्वितीय है, क्योंकि इसमें विकास के साथ संस्कार, आधुनिक अवसंरचना के साथ प्राचीन सभ्यता और आर्थिक प्रगति के साथ सांस्कृतिक आत्मविश्वास का समन्वय है। उन्होंने कहा कि विश्व आज भारत की सभ्यता को देखने आता है, लेकिन आने वाला समय भारत के पर्यटन आधारित विकास मॉडल से सीखने का होगा। हमें ऐसा भारत बनाना है जो केवल अनुभव करने के लिए अद्भुत न हो, बल्कि अनुसरण करने योग्य भी हो।