शिमला विश्वविद्यालय के कानून विभाग द्वारा कानूनी सहायता शिविर का आयोजन, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने नशे और घरेलू हिंसा के खिलाफ भरी हुंकार

शिमला विश्वविद्यालय के कानून विभाग द्वारा कानूनी सहायता शिविर का आयोजन, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने नशे और घरेलू हिंसा के खिलाफ भरी हुंकार
​शिमला विश्वविद्यालय (एपीजी) के कानून अध्ययन एवं अनुसंधान विभाग की ओर से समाज में सकारात्मक बदलाव, नशा मुक्त समाज और कानूनी जागरूकता बारे ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए हमेशा प्रयासरत है। विश्वविद्यालय के कानून विभाग ने बीते कल मंगलवार को कुसुंपटी शिमला के अंतर्गत पड़ने वाले बियोलिया और होरी ग्रामों में एक दिवसीय कानूनी सहायता शिविर और घर- घर दस्तक जागरूकता अभियान का सफल आयोजन किया गया। यह पूरा अभियान कानून अध्ययन एवं अनुसंधान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. भावना वर्मा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ रही नशे की लत और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। कानून विभाग के विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों डॉ. पंकज नेगी, राजेश कुमार, अनुपमा ठाकुर और रंजीता ने बियोलिया और होरी ग्रामों के हर घर में जाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों को उनके मौलिक कानूनी अधिकारों, नशीले व्यसनों से दूर रहने, नशा मुक्त समाज और जन-हित में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जागरूक किया। शिविर के दौरान जरूरतमंद लोगों को कानून विशेषज्ञों द्वारा मौके पर ही नि:शुल्क कानूनी परामर्श प्रदान किया गया। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें एक स्वस्थ, खुशहाल और नशा मुक्त जीवन जीने की शपथ भी दिलाई गई। कानून अध्ययन एवं अनुसंधान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. भावना वर्मा ने बताया कि हमारा उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है और नशा मुक्त समाज की पैरवी करना भी है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण अक्सर लोग अपने अधिकारों का लाभ नहीं उठा पाते। शिमला विश्वविद्यालय (एपीजी) के इस प्रयास की स्थानीय ग्रामीणों ने सराहना की। शिमला विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस तरह के जमीनी स्तर के कार्यक्रमों से आम लोग जागरूक होते हैं, बल्कि ऐसे जागरूकता अभियानों से विद्यार्थियों की सहभागिता से उनके कौशल और कम्युनिकेशन स्किल्स में निखार आता है, बल्कि समाज में साकारात्मक परिवर्तन की नींव भी पड़ती है और युवा पढ़ी के प्रेरणास्रोत भी बनते हैं।