लघु उद्यमियों और महिला उद्यमियों को डिजिटल मार्केटिंग के प्रति जागरुक करने के लिए उद्योग विभाग ने बुधवार को ग्राम पंचायत उखली में एक कार्यशाला आयोजित की। ‘डिजिटल मार्केटिंग एवं डिजिटल साक्षरता’ तथा ‘गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पोर्टल’ विषयों पर आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता उद्योग विभाग की प्रसार अधिकारी निकिता कुमारी ने की
इस अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए निकिता कुमारी ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण उद्यमों तथा अन्य हितधारकों को डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग एवं सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़ने के लिए जागरुक करना है। उन्होंने कहा कि सभी उद्यमियों को इन आधुनिक माध्यमों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के डॉ. अमित कुमार ने प्रतिभागियों को डिजिटल मार्केटिंग के विभिन्न पहलुओं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के उपयोग, ऑनलाइन ब्रांड निर्माण, ग्राहक पहुंच बढ़ाने तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए व्यवसाय विस्तार की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। साथ ही जीईएम पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया, उत्पाद सूचीकरण, सरकारी विभागों को वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति तथा उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में छोटे उद्यमियों एवं ग्रामीण उत्पादकों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और सरकारी ई-मार्केटप्लेस ने नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। डिजिटल तकनीकों को अपनाकर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है तथा स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सकता है।
रैम्प प्रोजेक्ट के वरिष्ठ प्रबंधक अश्वनी शर्मा और अन्य अधिकारियों ने भी उद्यमियों का मार्गदर्शन किया। कार्यशाला के दौरान महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इनमें चीड़ की पत्तियों से तैयार किए गए उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे। इस अवसर पर बीडीओ कार्यालय हमीरपुर से लेडी विलेज डेवलपमेंट कोऑर्डिनेटर वंदना कुमारी और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।