नगर परिषद सुजानपुर के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भाजपा ने कांग्रेस सरकार और प्रशासन पर लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी करने तथा चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा के नेतृत्व में सुजानपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा विरोध स्वरूप पुतला दहन कर रोष व्यक्त किया गया।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त हमीरपुर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित कर नगर परिषद सुजानपुर के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग उठाई। भाजपा समर्थित चारों पार्षदों ने भी एसडीएम एवं निर्वाचन अधिकारी सुजानपुर को अलग से मांगपत्र सौंपकर चुनाव प्रक्रिया को असंवैधानिक बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की।
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और स्थानीय विधायक के दबाव में प्रशासन ने कानून और संविधान की निर्धारित प्रक्रियाओं को दरकिनार कर चुनाव सम्पन्न करवाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994 की धारा 52(3) के अनुसार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव गुप्त मतदान के माध्यम से होना चाहिए, लेकिन सुजानपुर में बैलेट पेपर के स्थान पर हाथ उठवाकर मतदान करवाया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था के विपरीत है।
राणा ने कहा कि गुप्त मतदान लोकतंत्र की आत्मा है, जिससे निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से अपना मत व्यक्त करने का अधिकार मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि खुलेआम हाथ उठवाकर मतदान करवाने से पार्षदों की स्वतंत्रता प्रभावित हुई और लोकतांत्रिक व्यवस्था को ठेस पहुंची है। उनका कहना था कि राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए संवैधानिक प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय समय-समय पर स्थानीय निकायों के चुनाव में गुप्त मतदान की आवश्यकता पर स्पष्ट टिप्पणी कर चुका है। ऐसे में सुजानपुर में अपनाई गई प्रक्रिया कानून की भावना और लोकतांत्रिक मानकों के अनुरूप नहीं मानी जा सकती।
भाजपा ने मांग की है कि पूरे चुनाव को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर बैलेट पेपर के माध्यम से पुनः निष्पक्ष चुनाव करवाया जाए। साथ ही चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले अधिकारियों तथा राजनीतिक हस्तक्षेप करने वालों के विरुद्ध उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सुजानपुर नगर परिषद चुनाव को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव प्रक्रिया को रद्द कर पुनः मतदान नहीं कराया गया तो पार्टी अपने आंदोलन को और व्यापक रूप देगी।