खिलाड़ियों की लंबित प्रोत्साहन राशि जारी करे प्रदेश सरकार, 2018 के बाद से पदक विजेता इंतजार में: अनुराग सिंह ठाकुर

खेलेगा हिमाचल, खिलेगा हिमाचल’ कार्यक्रम में 385 खिलाड़ियों को वितरित की खेल किटें, पंचायत स्तर पर खेल मैदान विकसित करने और प्रशिक्षित कोच नियुक्त करने की उठाई मांग

खिलाड़ियों की लंबित प्रोत्साहन राशि जारी करे प्रदेश सरकार, 2018 के बाद से पदक विजेता इंतजार में: अनुराग सिंह ठाकुर
पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री एवं हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने रविवार को हमीरपुर के बचत भवन में आयोजित ‘खेलेगा हिमाचल, खिलेगा हिमाचल’ कार्यक्रम में 385 खिलाड़ियों को खेल किटें वितरित कीं। नेहरू युवा केंद्र के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को खेलों से जोड़ने, ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं का विस्तार करने और नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। खिलाड़ियों को बैडमिंटन, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल सहित विभिन्न खेलों की किटें प्रदान की गईं। कार्यक्रम में विधायक आशीष शर्मा, विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, जिला भाजपा अध्यक्ष राकेश ठाकुर, पूर्व विधायक बलदेव शर्मा, उर्मिल ठाकुर और डॉ. अनिल धीमान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। खिलाड़ियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने अनुराग ठाकुर का स्वागत किया। खिलाड़ियों की लंबित प्रोत्साहन राशि शीघ्र जारी करे सरकार अनुराग ठाकुर ने प्रदेश सरकार से पदक विजेता खिलाड़ियों की लंबित प्रोत्साहन राशि तत्काल जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को वर्ष 2018 के बाद से प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। जिन खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और समर्पण से प्रदेश तथा देश का नाम रोशन किया है, उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। खिलाड़ियों को उनके अधिकारों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेलों को राजनीति से दूर रखकर खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, उचित प्रशिक्षण और प्रोत्साहन उपलब्ध करवाना आवश्यक है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पर्याप्त संसाधनों के बावजूद कई स्थानों पर इंडोर स्टेडियम, सिंथेटिक ट्रैक और अन्य जरूरी खेल सुविधाओं का अभाव है। सरकार को खेल मैदानों की कमी दूर करने के साथ-साथ विभिन्न खेलों के लिए प्रशिक्षित कोचों की नियुक्ति सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें। पंचायत स्तर पर विकसित होंगे खेल मैदान सांसद ने कहा कि हमीरपुर जिले में खेलों को बढ़ावा देने के लिए पंचायत स्तर पर खेल मैदान विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि जहां खेल मैदानों के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध है, वहां आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) उपलब्ध करवाने में सहयोग करें। इससे युवाओं को अपने गांव और पंचायत में ही खेल अभ्यास की सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिट इंडिया मुहिम ने देशभर में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया है। खेल युवाओं को अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक सोच से जोड़ते हैं तथा उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्र सरकार ने खेल बजट में वृद्धि कर खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने की दिशा में कदम उठाए हैं। वर्ष 2030 में भारत में प्रस्तावित राष्ट्रमंडल खेल देश की खेल क्षमता और अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करने का अवसर होंगे। नए जिले बनाने से पहले मौजूदा व्यवस्थाएं मजबूत करना जरूरी प्रदेश में नए जिलों के गठन से जुड़े सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि केवल राजनीतिक लाभ को ध्यान में रखकर नए जिले बनाना उचित नहीं है। किसी भी नए जिले के गठन से पहले पर्याप्त वित्तीय संसाधन, कर्मचारी, कार्यालय और जरूरी प्रशासनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब मौजूदा ब्लॉकों और उपमंडलों में ही कई जगह पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो पहले उनकी व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है। प्रशासनिक इकाइयों का विस्तार जनता की सुविधा और बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से होना चाहिए। दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर निशाना दिल्ली में जारी प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें अपनी चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़कर केंद्र की मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे आंदोलनों के पीछे देश को राजनीतिक और आर्थिक रूप से कमजोर करने की मंशा रखने वाले तत्व भी सक्रिय हैं। उन्होंने अन्ना हजारे के आंदोलन से आम आदमी पार्टी के गठन तक के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों पर राजनीतिक अराजकता फैलाने और सत्ता में आने के बाद घोटालों में शामिल होने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी भी आंदोलन के उद्देश्यों और उसके पीछे की राजनीतिक मंशा को समझना भी आवश्यक है। कार्यक्रम के समापन पर अनुराग ठाकुर ने खेल संगठनों, पंचायत प्रतिनिधियों और युवाओं से आह्वान किया कि वे खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि मजबूत खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षित कोच और नियमित प्रोत्साहन से हिमाचल प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।