देश ने इतना नेतृत्वहीन, तर्क व तथ्यहीन विपक्ष कभी नहीं देखा: अनुराग सिंह ठाकुर

विपक्ष सिर्फ हेडलाइन बनाने तक सीमित

देश ने इतना नेतृत्वहीन, तर्क व तथ्यहीन विपक्ष कभी नहीं देखा: अनुराग सिंह ठाकुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज संसद में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्षी सांसदों के चर्चा से भागने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष केवल हेडलाइन बनाने में विश्वास रखता है और देश ने इतना नेतृत्वहीन, तर्क व तथ्यहीन विपक्ष पहले कभी नहीं देखा। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि दुर्भाग्य से राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष को यह तक स्पष्ट नहीं है कि उसे करना क्या है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष द्वारा लाया गया है जो लंबित है। आज उस पर चर्चा होनी थी और सरकार पूरी तरह चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष चर्चा करने के बजाय नई मांगें रखकर एक नई चर्चा चाहता है। उन्होंने कहा कि देश ने इतना नेतृत्वहीन, तर्क व तथ्यहीन विपक्ष पहले कभी नहीं देखा। जब चर्चा का विषय सामने आया तो विपक्ष उससे भागने लगा, क्योंकि उनका उद्देश्य केवल हेडलाइन बनाना था। अनुराग सिंह ठाकुर ने आगे कहा कि विपक्ष पूरी तरह भ्रम की स्थिति में है। पिछले पूरे सत्र के दौरान वे यही कहते रहे कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। पहले उन्होंने गलत नोटिस दिया, फिर उसे बदला और जब चर्चा का समय आया तो विपक्ष बहस से ही भाग गया। यह विपक्ष की स्थिति को दर्शाता है कि वे स्वयं अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं और स्वयं ही बहस में भाग नहीं लेते। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष के पास तर्क और तथ्य समाप्त हो गए हैं या उनका झूठ इतना बड़ा था कि आज उसका सामना नहीं कर पा रहे। विपक्ष केवल हेडलाइन बनाने तक सीमित है, उन्हें किसी भी विषय पर सार्थक बहस में कोई रुचि नहीं होती। उनकी रुचि केवल सदन को बाधित करने में रहती है। उन्होंने कहा कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बहुत कम अवसरों पर आता है। स्पीकर ने इस प्रस्ताव को स्वीकार भी कर लिया और आज सरकार बहस के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। अविश्वास प्रस्ताव पर दो दिन का समय निर्धारित है, फिर भी राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष को न संसद की गरिमा की चिंता है और न ही स्पीकर के पद के सम्मान की। इसके बावजूद वे संविधान की बात करते हैं।