सुजानपुर में एसडीएम ने की महिला एवं बाल विकास योजनाओं की समीक्षा

सुजानपुर में एसडीएम ने की महिला एवं बाल विकास योजनाओं की समीक्षा
महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत गठित खंड स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति की बैठक वीरवार को यहां एसडीएम विकास शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें उक्त योजनाओं की समीक्षा की गई। इस अवसर पर एसडीएम ने बताया कि सुजानपुर खंड में अभी छह माह से 3 वर्ष तक की आयु के 1002 शिशुओं, 350 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं और 3 से 6 वर्ष तक के 223 बच्चों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक पोषाहार प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस सुजानपुर में 3 से 6 वर्ष तक की आयु के 1130 बच्चे हैं। इनमें से 197 बच्चे सरकारी स्कूलों और 710 बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे हैं, जबकि 223 बच्चे आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत हैं। पोषण 2.0 की समीक्षा करते हुए एसडीएम ने कहा कि सुजानपुर खंड में 6 वर्ष तक के 29 बच्चों में दुर्बलता, बौनापन और कम वजन की समस्या पाई गई है। 187 गर्भवती महिलाओं में अनीमिया के लक्षण पाए गए हैं। महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी इनके पोषण पर विशेष रूप से फोकस करें। उन्होंने बताया कि महिलाओं के कल्याण, उत्थान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए मिशन शक्ति के तहत कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अत्याचार की शिकार महिलाओं की त्वरित मदद और शरण प्रदान करने के लिए हमीरपुर में वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की गई है। टॉल फ्री महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर प्राप्त शिकायतों का भी त्वरित निपटारा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत सुजानपुर की 1094 महिलाओं को 47.32 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आयोजित की जा रही विभिन्न जागरुकता गतिविधियों और बेटियों को प्रोत्साहित करने से अच्छे परिणाम सामने आए हैं और इससे सुजानपुर का शिशु लिंगानुपात 970 हो गया है। इस योजना की 243 लाभार्थियों को कुल 5.70 लाख रुपये की राशि दी गई है। इस वित्त वर्ष में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के 5 और मुख्यमंत्री शगुन योजना के 16 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन्हें 51-51 हजार रुपये की राशि प्रदान करने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण की जा रही हैं। निराश्रित महिलाओं के 164 बच्चों की शिक्षा के लिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत धनराशि का प्रावधान किया जा रहा है। जबकि, 14 बेसहारा बच्चों और 2 बेसहारा महिलाओं को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। इसी योजना के तहत 4 बेसहारा युवाओं की शादी और मकानों के निर्माण के लिए भी आर्थिक मदद प्रदान करने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। बैठक में आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण और अन्य सुविधाओं तथा विभाग की अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। एसडीएम ने कहा कि इन सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह का विलंब नहीं होना चाहिए तथा पात्र लोगों तक इनका लाभ पहुंचना चाहिए। इस अवसर पर सीडीपीओ कुलदीप सिंह चौहान ने सभी योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में बीडीओ तान्या कश्यप और अन्य अधिकारियों ने भी भाग लिया।