एपीजी शिमला विश्वविद्यालय ने 77वाँ गणतंत्र दिवस देशभक्ति के उत्साह के साथ मनाया

एपीजी शिमला विश्वविद्यालय ने 77वाँ गणतंत्र दिवस देशभक्ति के उत्साह के साथ मनाया
एपीजी (अलख प्रकाश गोयल) शिमला विश्वविद्यालय में भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस अत्यंत गर्व, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। यह आयोजन एकता, विविधता और राष्ट्रीय अखंडता के मूल्यों के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. संदीप कुमार, प्रबंध निदेशक, साईं संजीवनी अस्पताल, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) ओर डॉ.शवेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सलाहकार इंजी. सुमन विक्रांत, कुलसचिव डॉ. आर. एल. शर्मा, डीन अकादमिक्स डॉ. आनंद मोहन शर्मा तथा डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. नीलम शर्मा के साथ-साथ संकाय सदस्य, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएँ भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सत्र–I: ध्वजारोहण समारोह से हुई, जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी गणमान्य अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि डॉ. संदीप कुमार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जो देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत कर दिया। इसके पश्चात सत्र–II: सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के सभागार में किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसमें विद्या और ज्ञान की देवी का आह्वान किया गया। इसके बाद देशभक्ति गीत, युगल नृत्य प्रस्तुति तथा विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत भाषण प्रस्तुत किए गए, जिनमें भारतीय संविधान के महत्व और नागरिकों के कर्तव्यों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण हिमाचल प्रदेश का पारंपरिक नृत्य नाटी रहा, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और समारोह में क्षेत्रीय संस्कृति का सुंदर समावेश किया।