पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू द्वारा वीरता पुरस्कारों से सम्मानित हिमाचल प्रदेश के छह वीर सपूतों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने स्क्वाड्रन लीडर अर्शदीप सिंह ठाकुर को वीर चक्र, मेजर अंशुल बाल्टू को शौर्य चक्र, कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर को शौर्य चक्र, लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर को शौर्य चक्र, नायब सूबेदार सतीश कुमार को वीर चक्र तथा अमर बलिदानी लांस दफादार बलदेव चंद को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने पर पूरे प्रदेश की ओर से सम्मान और शुभकामनाएं दीं।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी कहा जाता है, क्योंकि छोटा राज्य होने के बावजूद देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए यहां के युवाओं की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। 8 जून 2026 की संध्या ने इस पहाड़ी राज्य के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्य के छह वीर सपूतों को उनके असाधारण साहस, पराक्रम और राष्ट्रसेवा के लिए शौर्य चक्र एवं वीर चक्र से अलंकृत किया।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक क्षण में जब हिमाचल प्रदेश के सीने पर चार शौर्य चक्र और दो वीर चक्र अलंकृत हुए, तो प्रदेश के हर नागरिक का सिर गर्व से ऊंचा हो गया। यह सम्मान केवल संबंधित सैनिकों और उनके परिवारों का नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का सम्मान है। इन वीर जवानों ने कठिनतम परिस्थितियों में अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का परिचय देकर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के वीर सैनिकों की गौरवशाली परंपरा सदैव देश की रक्षा के लिए समर्पित रही है। प्रदेश के युवाओं में सेना के प्रति समर्पण, अनुशासन और देशभक्ति की भावना आज भी उतनी ही प्रबल है, जिसका प्रमाण इन वीरता पुरस्कारों के रूप में पूरे देश के सामने आया है।
इस अवसर पर अनुराग ठाकुर ने अपने समीरपुर स्थित आवास पर पूर्व सैनिकों एवं रक्षा सेवाओं से जुड़े वरिष्ठ जनों से भी भेंट की तथा देश सेवा में उनके अमूल्य योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं, जिनके अनुभव, त्याग और समर्पण से समाज तथा युवा पीढ़ी निरंतर प्रेरणा प्राप्त करती है।