भारतीय जनता पार्टी जिला हमीरपुर के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने जिला पदाधिकारियों के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर को बीसीसीआई गतिविधियों में भाग लेने से लगे प्रतिबंध के हटाए जाने पर हार्दिक बधाई दी और इस निष्पक्ष निर्णय के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि अंततः सत्य की ही विजय होती है और अनुराग ठाकुर पर लगाए गए आरोप निराधार सिद्ध हुए हैं।
राकेश ठाकुर ने कहा कि अनुराग सिंह ठाकुर के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उनके कार्यकाल में बीसीसीआई अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और जवाबदेह संस्था बनी। उन्होंने जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को निखारने, खिलाड़ियों के कल्याण, महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने और घरेलू क्रिकेट संरचना को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए। उनके प्रयासों से भारत न केवल विश्व क्रिकेट की महाशक्ति बना, बल्कि खेल प्रशासन के क्षेत्र में भी एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनुराग ठाकुर जैसे युवा, ऊर्जावान और दूरदर्शी नेता के मार्गदर्शन में क्रिकेट ही नहीं, बल्कि समूचे भारतीय खेल जगत को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
आरडीजी (Revenue Deficit Grant) के मुद्दे पर बोलते हुए राकेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार हिमाचल प्रदेश की जनता को जानबूझकर भ्रमित कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के समय ही यह साफ कर दिया गया था कि 16वें वित्त आयोग में राजस्व घाटा अनुदान बंद हो जाएगा। ऐसे में सुक्खू सरकार को पहले ही केंद्रीय वित्त मंत्रालय के समक्ष यह मुद्दा गंभीरता से उठाना चाहिए था।
उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री अब तक सो रहे थे या जानबूझकर बजट का इंतजार कर रहे थे ताकि केंद्र सरकार पर झूठे आरोप लगाए जा सकें, जैसा कि उनकी आदत बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने पूरे कार्यकाल में मुख्यमंत्री केंद्र सरकार पर निराधार आरोप लगाने में व्यस्त रहे, जबकि उनकी थकी-हारी प्रशासनिक टीम सरकारी सुविधाओं का आनंद लेने और गोल्फ खेलने में ही मग्न रही।
राकेश ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार ने अपने चहेतों के लिए तो खूब काम किया, लेकिन आम जनता के हितों की लगातार अनदेखी की। विकास कार्य ठप पड़े हैं, वित्तीय प्रबंधन कमजोर है और प्रदेश को अनिश्चितता की ओर धकेला जा रहा है।
राकेश ठाकुर ने यह भी कहा कि अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अनुराग सिंह ठाकुर और हिमाचल के अन्य सांसदों के उस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाते हैं, जिसमें उन्होंने राज्य के हितों से जुड़े वित्तीय मुद्दों को केंद्रीय वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के समक्ष संयुक्त रूप से रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि सुक्खू वास्तव में हिमाचल के हितों के प्रति गंभीर हैं, तो उन्हें राजनीति छोड़कर सांसदों के साथ मिलकर दिल्ली में राज्य का पक्ष मजबूती से रखना चाहिए, न कि केवल बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करनी चाहिए।