एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्घाटन

एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्घाटन
एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी ने नेक्स्टजेन CTPL के सहयोग से आज तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य शिक्षकों की शिक्षण क्षमता, शोध कौशल और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ाना है। कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण और उद्घाटन सत्र से हुई, जिसमें स्वागत भाषण और उद्देश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई तथा डॉ. संजय शर्मा और डॉ. विश्व प्रताप सिंह ने एपीजी नेक्स्टजेन और उसके कार्यों का परिचय कराया। पहले तकनीकी सत्र में डॉ. संजय शर्मा ने प्रभावी व्याख्यान प्रस्तुत करने के सिद्धांतों पर चर्चा की, जिसमें स्वर, गति, स्पष्टता और उत्साह के महत्व के साथ कहानी और वास्तविक उदाहरणों का उपयोग कर छात्र की रुचि बनाए रखने के तरीके बताए गए। इसके बाद डॉ. सौरभ आनंद ने प्रायोगिक सत्र संचालन और लैब प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया, जबकि आयुष गुप्ता ने बोर्ड प्रबंधन और दृश्य संचार में श्रेष्ठ प्रथाओं का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में डॉ. संजय शर्मा, डॉ. विश्व प्रताप सिंह, आयुष गुप्ता, डॉ. सौरभ आनंद और तपस्या मुख्य वक्ता रहे। सभी नेक्स्टजेन फैकल्टी ने इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिसमें कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष योगेश बान्याल और मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष डॉ. ऋतिका ठाकुर भी उपस्थित थीं। FDP का दूसरा दिन (20 जनवरी) इंटरैक्टिव लेसन प्लान डिजाइन, फैकल्टी आचार, नैतिकता और छात्र विकास तथा शोध पद्धति पर केंद्रित होगा, जबकि अंतिम दिन (21 जनवरी) हैंड्स-ऑन शोध लेखन, शोध नैतिकता और उच्च प्रभाव वाले जर्नल में प्रकाशन, आउटकम-बेस्ड एजुकेशन एवं पाठ्यक्रम मानचित्रण और मूल्यांकन योजना एवं शैक्षणिक अनुपालन पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी और नेक्स्टजेन CTPL की शिक्षण गुणवत्ता, शोध क्षमता और शैक्षणिक अनुपालन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण उपकरण तथा प्रभावी मूल्यांकन रणनीतियों से लैस करने का प्रयास है।