फिजिकल वेरिफिकेशन में 15 प्रतिशत से अधिक कामगार निकले अपात्र : नरदेव सिंह कंवर
फिजिकल वेरिफिकेशन में 15 प्रतिशत से अधिक कामगार निकले अपात्र : नरदेव सिंह कंवर
हिमकेयर योजना के अंतर्गत लाए जाएंगे कामगार, कार्ड का पूरा खर्चा उठाएगा बोर्ड
कामगारों के बच्चों की उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा की पूरी फीस भी देगा बोर्ड
मुख्यमंत्री ने लगभग 4 हजार कामगारों के खातों में हस्तांतरित किए हैं लगभग 15 करोड़
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा है कि बोर्ड में पंजीकृत लगभग 4.76 लाख कामगारों की फिजिकल वेरिफिकेशन और ईकेवाईसी की प्रक्रिया जारी है, ताकि अपात्र लोगों को बाहर किया जा सके तथा पात्र कामगारों को बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके।
सोमवार को यहां बोर्ड के मुख्यालय में सभी जिलों के श्रम कल्याण अधिकारियों के साथ त्रैमासिक समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में नरदेव सिंह कंवर ने बताया कि अभी तक प्रदेश भर में लगभग 19,480 कामगारों की फिजिकल वेरिफिकेशन की गई है, जिनमें 2975 लोग अपात्र पाए गए हैं। यानि अभी तक 15 प्रतिशत से अधिक लोग अपात्र निकले हैं। सभी पंजीकृत कामगारों की वेरिफिकेशन के बाद अपात्र लोगों का आंकड़ा काफी चौंकाने वाला हो सकता है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बीओडी की बैठक में श्रमिकों, एकल महिलाओं और दिव्यांग बच्चों के हित बहुत बड़े निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कामगारों की ई-केवाईसी हिम परिवार पोर्टल के माध्यम से करने, इन्हें पेंशन स्कीम से जोड़कर सभी पेंमेंट्स ई-समोसा पोर्टल से करने के निर्देश दिए हैं। कामगारों को हिमकेयर योजना से भी जोड़ा जाएगा और इसके कार्ड के सभी खर्चे बोर्ड द्वारा वहन किए जाएंगे। कामगारों के बच्चों की उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए सालाना 1.20 लाख रुपये तक की मदद की जाती थी। अब बोर्ड सरकारी संस्थान में अध्ययनरत इन बच्चों की पूरी फीस बोर्ड देगा। नरदेव सिंह कंवर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी दिव्यांग बच्चों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत लाने के निर्देश भी दिए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने लगभग 15 करोड़ रुपये की राशि बोर्ड के लगभग चार हजार लाभार्थी श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की है। इनमें विधवा और अन्य एकल नारियों को मकान निर्माण के लिए मिलने वाली 3-3 लाख रुपये की राशि की पहली किश्त भी शामिल थी।
प्रेस वार्ता से पहले, सभी जिलों के श्रम कल्याण अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान नरदेव सिंह कंवर ने फिजिकल वेरिफिकेशन और ई-केवाईसी की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी हर हफ्ते 3 दिन कार्यालय में ई-केवाईसी और 3 दिन फील्ड में फिजिकल वेरिफिकेशन करें। जिला के कार्यालयों में अगर रेगुलर कर्मचारियों की कमी है तो बोर्ड के मुख्यालय से कर्मचारियों की डयूटी लगाई जाएगी।