कांग्रेस पहले अपने राजनीतिक चरित्र का आत्ममंथन करे : विजय अग्निहोत्री

कहा, भाजपा में राष्ट्र सर्वोपरि; कांग्रेस में परिवारवाद हावी 'एक विकेट गिरा' बयान पर भाजपा का जवाब, जनता को गुमराह न करे कांग्रेस

कांग्रेस पहले अपने राजनीतिक चरित्र का आत्ममंथन करे : विजय अग्निहोत्री
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री ने रविवार को प्रेस बयान जारी करते हुए लोक निर्माण मंत्री के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर "एक विकेट गिरा है, अभी और विकेट गिरेंगे" जैसी टिप्पणी की गई थी। अग्निहोत्री ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को राष्ट्रहित में लिए गए निर्णयों का उपहास उड़ाने से पहले अपने राजनीतिक चरित्र का आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा में यदि कोई नेता नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ता है तो वह राष्ट्र और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोच्च मानकर निर्णय लेता है। इसके विपरीत कांग्रेस का इतिहास बताता है कि वहां इस्तीफे अक्सर राष्ट्रहित में नहीं, बल्कि परिवारवाद और व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से प्रेरित रहे हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल की जनता ने स्वयं देखा है कि कांग्रेस के एक नेता ने अपने पिता की प्रतिमा के लिए मनचाहा स्थान न मिलने पर मंत्री पद से इस्तीफा दिया और मांग पूरी होने के बाद उसे वापस भी ले लिया। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस में इस्तीफों का आधार जनहित नहीं, बल्कि परिवार और राजनीतिक स्वार्थ होते हैं, जबकि भाजपा में राष्ट्र सर्वोपरि है और पद केवल सेवा का माध्यम माना जाता है। पूर्व विधायक ने कहा कि कांग्रेस के मंत्री आज "एक विकेट गिरा" जैसी भाषा का प्रयोग कर राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन यदि नैतिकता के आधार पर इस्तीफों की बात की जाए तो हिमाचल सरकार के कई मंत्री अब तक पदों पर क्यों बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, आर्थिक कुप्रबंधन, लगातार बढ़ते कर्ज, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, विकास कार्यों की धीमी गति तथा चुनावी वादों को पूरा न कर पाने जैसे मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। अग्निहोत्री ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को दूसरों के इस्तीफों पर राजनीतिक उत्सव मनाने के बजाय प्रदेश की आर्थिक स्थिति, ठप पड़े विकास कार्यों और जनता की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और प्रशासनिक अव्यवस्था से जूझ रही है, जबकि सरकार के मंत्री केवल बयानबाजी में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की कार्यसंस्कृति "राष्ट्र प्रथम, संगठन द्वितीय और व्यक्ति अंतिम" के सिद्धांत पर आधारित है। यही कारण है कि पार्टी में पद से अधिक महत्व देश, लोकतंत्र और जनता के विश्वास का होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि हिमाचल की जनता कांग्रेस की कथनी और करनी का अंतर भली-भांति समझ चुकी है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।