कृषि विभाग की आतमा परियोजना हमीरपुर ने मंगलवार को विकास खंड बिझड़ी की ग्राम पंचायत महारल में किसान गोष्ठी आयोजित की।
इस अवसर पर आतमा परियोजना हमीरपुर के परियोजना निदेशक राकेश धीमान, परियोजना उपनिदेशक राजेश शर्मा और कृषि विभाग के अन्य अधिकारियों ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, खेत बचाओ अभियान, पीएम किसान सम्मान निधि, फार्मर रजिस्ट्री और कई अन्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
राकेश धीमान ने बताया कि कृषि विभाग ‘एग्रीस्टैक’ परियोजना के तहत जिला हमीरपुर में भी सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार कर रहा है। इस रजिस्ट्री का उद्देश्य किसानों का एक प्रमाणित डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, जिससे भविष्य में किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदानों, डीबीटी लाभ, फसल बीमा, कृषि सहायता और अन्य सभी सेवाओं का लाभ शीघ्रता एवं पारदर्शिता के साथ प्रदान किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सभी किसान अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र या कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज जैसे-जमाबंदी या खतौनी, बैंक खाते का विवरण, पासपोर्ट साइज फोटो और आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर आवश्यक है।
राकेश धीमान ने बताया कि पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ उठाने के लिए यह बहुत जरूरी है, क्योंकि पीएम-किसान सम्मान निधि और फार्मर रजिस्ट्री को इंटरलिंक किया गया है। उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री एक ऐसी डिजिटल प्रणाली है, जिसमें हर किसान की एक आईडी बनाई जाती है और इसमें किसान की व्यक्तिगत जानकारी, जमीन का रिकार्ड, फसल की जानकारी, बैंक विवरण और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज रहती हैं। फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से जहां एक ही आईडी से पीएम-किसान सम्मान निधि और कई अन्य योजनाओं से संबंधित भुगतान में तत्परता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम के दौरान लोक मित्र केंद्र के संचालक और पटवारी की मदद से कई किसानों की मौके पर ही फार्मर रजिस्ट्री भी की गई। स्थानीय पंचायत के नवनिर्वाचित प्रधान कर्म सिंह ने किसान गोष्ठी के आयोजन के लिए अधिकारियों का धन्यवाद किया तथा पंचायत के सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।