गोवा में 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर मुख्यमंत्री स्तर की बैठकों का नेतृत्व कर रहे अनुराग सिंह ठाकुर

गोवा में 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर मुख्यमंत्री स्तर की बैठकों का नेतृत्व कर रहे अनुराग सिंह ठाकुर
गोवा के पणजी में संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024 तथा केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के दो दिवसीय अध्ययन दौरे के प्रथम दिन सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने गोवा सरकार के राजनीतिक एवं प्रशासनिक नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। 10 एवं 11 जुलाई को आयोजित इस अध्ययन दौरे का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने की व्यवहार्यता का व्यापक अध्ययन करना तथा विभिन्न पक्षों से सुझाव प्राप्त करना है। दौरे के प्रथम दिन का मुख्य आकर्षण गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के साथ विस्तृत विचार-विमर्श रहा। इस बैठक में मुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य, जल संसाधन, ऊर्जा, मत्स्य, समाज कल्याण, लोक निर्माण तथा कला एवं संस्कृति विभागों के मंत्रियों ने भी भाग लिया। संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य अनुराग सिंह ठाकुर ने बैठक के दौरान 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' प्रस्ताव के संवैधानिक, प्रशासनिक और निर्वाचन संबंधी विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश में एक साथ चुनाव कराने से सार्वजनिक संसाधनों की व्यापक बचत होगी, समय की बचत होगी तथा राज्यों में शासन और विकास कार्य बिना बार-बार चुनावी व्यवधान के निरंतर गति से आगे बढ़ सकेंगे। राजनीतिक नेतृत्व के साथ बैठक के उपरांत समिति ने गोवा के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी विस्तृत चर्चा की। इसके अतिरिक्त वित्त, गृह, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, उद्योग तथा स्वास्थ्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी एक साथ चुनावों के क्रियान्वयन से जुड़े प्रशासनिक और व्यवस्थागत पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। व्यापक सहमति निर्माण के उद्देश्य से समिति ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, गोवा विश्वविद्यालय, आईआईटी गोवा एवं एनआईटी गोवा के शिक्षाविदों, गोवा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ताओं तथा सीआईआई, एसोचैम और फिक्की के उद्योग प्रतिनिधियों के साथ भी विचार-विमर्श किया। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि गोवा के मुख्यमंत्री की सक्रिय सहभागिता इस महत्वपूर्ण विधेयक के प्रति राज्य सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य अंतिम रिपोर्ट तैयार करने से पहले समाज के सभी वर्गों एवं हितधारकों के साथ व्यापक संवाद स्थापित कर राष्ट्रीय सहमति का निर्माण करना है। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2025 के मध्य से महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में अध्ययन दौरों के माध्यम से समिति लगातार राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राज्य सरकारों तथा सभी राजनीतिक दलों के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि यही व्यापक जनभागीदारी और संवाद इस विधायी प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है।