मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर किया है फोकस : सुनील शर्मा बिट्टू

प्राकृतिक खेती से तैयार फसलों को उच्च दाम देने वाला हिमाचल, देश का पहला राज्य ब्राहलड़ी में किया गन्ने की पेराई की मशीन, ब्वॉयलर और बोरवैल का उदघाटन

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर किया है फोकस : सुनील शर्मा बिट्टू
मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गत तीन वर्षों के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनका सीधा लाभ किसानों, बागवानों और पशुपालकों तक पहुंच रहा है। शनिवार को हमीरपुर के निकटवर्ती गांव ब्राहलड़ी में गन्ने की पेराई की मशीन, ब्वॉयलर और बोरवैल के लोकार्पण के बाद क्षेत्र के किसानों को संबोधित करते हुए सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती से उगाई जाने वाली फसलों के लिए अलग से उच्च दाम निर्धारित किए हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार का यह एक ऐसा निर्णय है जो आज तक देश के किसी भी अन्य राज्य की सरकार ने नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूं का दाम अब 80 रुपये, मक्की का 60 रुपये, कच्ची हल्दी का 150 रुपये और पांगी घाटी के जौ का 80 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। अब अदरक के लिए भी 30 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है। गाय के दूध का दाम 61 रुपये और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। उन्होंने कहा कि ब्राहलड़ी में हिम कृषि योजना के तहत 8.17 लाख रुपये की लागत से गन्ने की पेराई की मशीन, ब्वॉयलर और बोरवैल लगाया गया है। राज्य सरकार की इस क्लस्टर आधारित योजना से क्षेत्र के 21 किसान परिवार लाभान्वित होंगे और करीब 40 बीघा जमीन को सिंचाई सुविधा मिलेगी। हमीरपुर के विकास की चर्चा करते हुए सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री ने यहां के मेडिकल कालेज में सुपर स्पेशियलिटी के 9 विभागों, कैंसर केयर संस्थान, डेंटल कालेज, नर्सिंग कालेज, मातृ-शिशु अस्पताल और नशा उपचार केंद्र इत्यादि का भी प्रावधान किया है, जिससे यह मेडिकल कालेज एक बेहतरीन चिकित्सा संस्थानों में शामिल होगा। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती ने भी अपने विचार रखे तथा क्षेत्र में जारी विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी दी। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. डीडी शर्मा ने विभाग की योजनाओं के बारे में बताया। एसएमएस यशुलता शर्मा ने मुख्य अतिथि, अन्य अतिथियों तथा सभी किसानों का स्वागत किया। प्रगतिशील किसान उर्मिला ने प्राकृतिक खेती पर अपने अनुभव साझा किए। जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश राणा ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा, उद्यान विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार, आतमा के परियोजना अधिकारी राकेश धीमान, पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक डॉ. सतीश वर्मा, केवीएस प्रधान धर्मप्रकाश और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।