नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती पर भाजपा नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि

नेताजी की जयंती पर भाजपा का स्पष्ट संदेश: सच्चे नायकों को मिला उनका सम्मान

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती पर भाजपा नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल तथा भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में जिला भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आज महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर उनके बलिदान को स्मरण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे महानायक थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र की आज़ादी और स्वाभिमान के लिए समर्पित कर दिया। आज़ाद हिंद फ़ौज के गठन के माध्यम से उन्होंने देशवासियों में आत्मबल, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया। उनका प्रेरणादायी उद्घोष “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” आज भी देश के युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि नेताजी के विचार और आदर्श सदैव भारत की राष्ट्रीय चेतना का मार्गदर्शन करते रहेंगे। भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन संघर्ष, अनुशासन और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नेताजी को केवल शब्दों में नहीं, बल्कि ठोस कार्यों के माध्यम से सच्ची श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट के कैनोपी में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई, जो भारत के सच्चे नायकों को सम्मान देने का प्रतीक है। यह वही ऐतिहासिक स्थल है, जहाँ पहले ब्रिटिश शासन के प्रतीक मौजूद थे और आज वहाँ नेताजी की प्रतिमा स्थापित होना नए भारत की आत्मसम्मानपूर्ण सोच को दर्शाता है। राकेश ठाकुर ने कहा कि इसके विपरीत कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं ने स्वतंत्रता के बाद दशकों तक नेताजी के योगदान, उनके विचारों और उनके गौरवशाली व्यक्तित्व को जानबूझकर नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान न तो नेताजी को वह राष्ट्रीय सम्मान मिला जिसके वे हकदार थे और न ही उनकी रहस्यमयी गुमशुदगी से जुड़े तथ्यों को सामने लाने के लिए गंभीर प्रयास किए गए। वर्षों तक नेताजी से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलों को गोपनीय रखकर सच्चाई को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को अपने राजनीतिक दृष्टिकोण के अनुरूप प्रस्तुत किया, जिसमें नेताजी और आज़ाद हिंद फ़ौज के योगदान को उचित स्थान नहीं दिया गया। नेताजी की वैकल्पिक राष्ट्रवादी सोच को हाशिये पर रखना और उनके आदर्शों को कमतर आंकना कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक कर, उनकी स्मृतियों को राष्ट्रीय चेतना के केंद्र में लाकर और उनकी प्रतिमा स्थापित कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि राष्ट्र अपने सच्चे नायकों का सम्मान करना जानता है।