हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले नीरज भारती द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लंबे समय से सरकार के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी के मुद्दे उठाता रहा है, लेकिन अब कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती ने जिस तरह अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, उससे प्रदेश की राजनीति में गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि नीरज भारती ने पार्टी उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर जो बातें सार्वजनिक की हैं, वे अत्यंत गंभीर हैं और मुख्यमंत्री को स्वयं प्रदेश की जनता के सामने वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारती द्वारा प्रदेश में हर महीने पांच अटैची इकट्ठे किए जाने और इनमें तीन हाईकमान को भेजे जाने और दो अटैची अपने पास रख लेने संबंधी लगाए गए आरोपों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब सरकार को देना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि नीरज भारती ने अपनी सोशल मीडिया पोस्टों में यह भी लिखा है कि जिन ठेकेदारों द्वारा शिमला जाकर कथित रूप से "चढ़ावा" चढ़ाया जा रहा है, उनके लिए ट्रेजरी के दरवाजे खुल रहे हैं और भुगतान किए जा रहे हैं। यदि सत्तारूढ़ दल का ही एक वरिष्ठ नेता इस प्रकार के आरोप सार्वजनिक रूप से लगा रहा है तो मुख्यमंत्री के लिए चुप्पी साधे रखना उचित नहीं कहा जा सकता।
राणा ने कहा कि कांग्रेस सरकार को अब यह स्पष्ट करना चाहिए कि नीरज भारती द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं या फिर उनमें सच्चाई है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप निराधार हैं तो सरकार को उनका खंडन करना चाहिए और यदि आरोपों में दम है तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेश की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि आखिर सरकार के भीतर क्या चल रहा है। उन्होंने कहा कि नीरज भारती के पिता इसी सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं और नीरज भारती द्वारा सरकार की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े करना गंभीर राजनीतिक चिंतन का विषय है।
उन्होंने कहा कि भाजपा इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और सरकार से पारदर्शिता तथा जवाबदेही की अपेक्षा करती है। राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री को तत्काल सामने आकर नीरज भारती द्वारा उठाए गए मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, क्योंकि यह मामला केवल कांग्रेस पार्टी का आंतरिक विषय नहीं बल्कि प्रदेश की जनता के विश्वास और सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश में पंचायती राज चुनाव में अधिकतर पंचायत प्रधान कांग्रेस पार्टी के चुने होने का आए दिन दावा कर रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि उनके गृह जिला हमीरपुर में ही जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस की इतनी फजीहत क्यों हुई है।