नादौन में सत्ता के दुरुपयोग और निर्वाचित पंचायती राज प्रतिनिधियों पर दबाव का भाजपा ने लगाया आरोप

भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- लोकतांत्रिक जनादेश को दबाव से प्रभावित करने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण

नादौन में सत्ता के दुरुपयोग और निर्वाचित पंचायती राज प्रतिनिधियों पर दबाव का भाजपा ने लगाया आरोप
भारतीय जनता पार्टी जिला हमीरपुर के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन में पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों पर कथित राजनीतिक दबाव बनाए जाने को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राकेश ठाकुर ने कहा कि नादौन में सत्ता और सरकारी तंत्र का कथित दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित पंचायत समिति प्रतिनिधियों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है और इसी दबाव के परिणामस्वरूप एक विकासखंड के निर्वाचित बीडीसी सदस्य, जो भाजपा पृष्ठभूमि से जुड़े बताए जाते हैं, को जबरन कांग्रेस समर्थित बताने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनती है और निर्वाचित प्रतिनिधियों की राजनीतिक पहचान अथवा समर्थन को सरकारी दबाव के माध्यम से बदलने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने नादौन के एसडीएम के तबादले को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह चर्चा का विषय है कि यदि किसी अधिकारी ने निर्वाचित पंचायती राज प्रतिनिधियों पर राजनीतिक दबाव बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा बनने से इनकार किया हो, तो उसके बाद उसका तबादला होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि नादौन के एसडीएम का तबादला भी इसी घटनाक्रम से जुड़ा हो सकता है, हालांकि इस संबंध में सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। राकेश ठाकुर ने कहा कि इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के दबाव के कारण, तीन महीने पहले बीडीसी चुनावों के परिणाम आने के बावजूद अभी तक नादौन में पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव नहीं करवाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह देरी सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का विषय नहीं, बल्कि निर्वाचित सदस्यों के राजनीतिक समर्थन को प्रभावित करने के प्रयास से जुड़ी हुई प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मौजूदा नादौन दौरे के दौरान भी दबाव की राजनीति किए जाने की आशंका है और पंचायत समिति सदस्यों पर कांग्रेस के पक्ष में आने के लिए गैर-जरूरी दबाव बनाया जा सकता है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपनी राजनीतिक पसंद और लोकतांत्रिक निर्णय स्वतंत्र रूप से लेने का अधिकार है तथा किसी भी प्रकार का सरकारी या राजनीतिक दबाव लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि निर्वाचित पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हैं, तो अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित रखना जनता के जनादेश और पंचायती राज संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि नादौन में बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को कानून और निर्धारित नियमों के अनुसार शीघ्र पूरा किया जाए। राकेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की कि नादौन में निर्वाचित पंचायती राज प्रतिनिधियों के संबंध में लगाए जा रहे आरोपों पर सरकार सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दे और यह सुनिश्चित करे कि किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि पर राजनीतिक दबाव न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, निर्वाचित प्रतिनिधियों के सम्मान और जनता के जनादेश की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा और विकास कार्यों के लिए होना चाहिए।