पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्ष पेपर लीक की घटनाओं पर सरकार के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाने की बजाय छात्रों के आंदोलन पर अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेंक रहा है। राजस्थान में कांग्रेस की सरकार के समय 17 पेपर लीक हुए, विपक्ष की सरकारों में 100 से ज़्यादा पेपर लीक की घटनाएं हुईं मगर इन्होंने कार्यवाई करना तो दूर उसे संज्ञान में तक नहीं लिया। मोदी सरकार ने नीट पेपर लीक के 13 आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारियां सुनिश्चित कीं, समय पर पूरी पारदर्शिता से दोबारा परीक्षा कराई, मोदी जी फ़ास्टट्रैक कोर्ट बनाने और भविष्य में पेपर लीक के अपराधियों के ख़िलाफ़ कड़े कदम उठाने की घोषणा की है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने परीक्षाओं में गड़बड़ियों को जड़ से खत्म करने के मोदी सरकार के व्यवस्थित दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा कि पेपर लीक के खिलाफ कठोर कानूनी ढांचा बनाने के लिए एक व्यापक नया विधेयक कैबिनेट में लाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी हमारे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे कानून के तहत सबसे सख्त सजा दी जाएगी। यह नया विधेयक कानूनी ढांचे को पूरी तरह बदल देगा, जिससे भविष्य में लीक रोके जा सकें और ऐसे प्रयास करने वालों पर कठोर दंड लगे। कैबिनेट ने इस मुद्दे पर व्यापक रोडमैप तैयार कर लिया है और इस महत्वपूर्ण विषय पर सोमवार को संसद में पूरी चर्चा निर्धारित है।
विपक्षी दलों के राजनीतिक पाखंड को उजागर करते हुए श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेताओं के ट्रैक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि केवल राजस्थान में कांग्रेस शासन के दौरान पांच वर्षों में 17 पेपर लीक हुए और देशभर में विपक्ष शासित राज्यों में 100 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुईं। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “मैं अखिलेश जी, राहुल जी और अन्य विपक्षी नेताओं से पूछना चाहता हूं कि जब आपके शासन में पेपर लीक नियमित रूप से युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे थे, तब आपकी सरकारों ने क्या ठोस कदम उठाए थे? उनके विपरीत मोदी सरकार ने दोषियों को गिरफ्तार कर तत्काल और अडिग कार्रवाई की है तथा संरचनात्मक संस्थागत सुधार लागू किए हैं।”
अनुराग सिंह ठाकुर ने विपक्षी दलों से सीधा आग्रह किया कि वे अपनी बाधक रणनीति छोड़ें और सोमवार को होने वाली संसदीय बहस में भाग लें। उन्होंने उन्हें युवाओं के प्रति सच्ची चिंता दिखाने की सलाह दी, न कि जवाबदेही से भागने की।
अनुराग सिंह ठाकुर ने विपक्ष से कहा कि सदन से भागिए मत बल्कि आगे आइए और रचनात्मक रूप से बहस में शामिल होइए। आप नीट लीक, पेपर लीक के मुद्दे या नए विधेयक पर बोल सकते हैं, जो मन में हो वह कह सकते हैं, लेकिन संवाद में शामिल होइए”।