सरकारी एजेंसियों पर शक है तो खुद नाप लें विरोधियों की संपत्तियां : राजेंद्र राणा

प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा का मुख्यमंत्री पर पलटवार आरोप : हिमाचल में भ्रष्टाचार की फैक्ट्रियां खोली, मुख्यमंत्री बताएं- इटली में 150 करोड़ की बाइनरी खोलकर किसका काला धन किया जा रहा सफेद

सरकारी एजेंसियों पर शक है तो खुद नाप लें विरोधियों की संपत्तियां : राजेंद्र राणा
हमीरपुर : प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला कर पलटवार किया है। हमीरपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने धर्मशाला विधायक सुधीर शर्मा की संपत्तियों की जांच करवाई और अब अपनी सरकारी एजेंसियों से हुई पैमाइश पर ही सवाल उठा रहे हैं।अगर सरकारी एजेंसियों पर ही भरोसा नहीं है तो मुख्यमंत्री खुद फीता लेकर विरोधियों की संपत्तियों की पैमाइश करें। राणा ने तंज कसते हुए कहा कि इसमें एजेंसियों की कोई गलती नहीं है, क्योंकि मुख्यमंत्री के मन में ही खोट है और झूठ के पांव नहीं होते। उन्होंने मुख्यमंत्री को उत्तर भारत का सबसे अमीर सीएम बनने पर बधाई देते हुए सवाल किया कि आखिर इतनी दौलत कहां से आई? उन्होंने आरोप लगाया कि 4 साल में सरकार ने प्रदेश में एक भी नई फैक्ट्री नहीं लगाई, उल्टा पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार की फैक्ट्रियां खोल दीं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा मुख्यमंत्री के गृह जिले हमीरपुर में ही है। हमीरपुर बाईपास बस अड्डे के लिए 36 करोड़ का टेंडर हुआ, लेकिन 100 करोड़ की पेमेंट कर दी गई। आखिर किसकी मिलीभगत है? किस मजबूरी में भ्रष्टाचार की कालिख पोती जा रही है? इस करोड़ों की लूट की फैक्ट्री का सी.एम.डी. कौन है? जनता का पैसा किस पर लुटाया जा रहा है? आखिर भ्रष्टाचार का डायरेक्टर कौन है? उन्होंने कहा कि सचिवालय में ट्रांसफर माफिया का राज है। उन्होंने सरकार से पूछा कि प्रदेश के अस्पतालों में मेडिकल स्टोर के काउंटर कौन चला रहा है? मेडिकल कॉलेज जोलसप्पड़ के प्रिंसिपल को बार-बार एक्सटेंशन क्यों दी जा रही है? क्या कोई और काबिल नहीं है? कॉलेज के सारे गेट 100 कमरों के निजी पी.जी. की तरफ क्यों हैं? क्या बस अड्डे के नाम पर हुई 100 करोड़ की पेमेंट को इसी पी.जी. में लगाया जा रहा है? पी.जी. का मैटीरियल कहां से आ रहा है? उन्होंने खुलासा किया कि प्रदेश में 4 साल से उद्योग नहीं लगाए जा रहे हैं, लेकिन इटली में 150 करोड़ की बाइनरी खोली जा रही है। किसका काला धन सफेद करने यूरोप भेजा जा रहा है? इसमें किसकी हिस्सेदारी है? राजेंद्र राणा ने कहा कि 2 साल पहले उपचुनाव में कोड ऑफ कंडक्ट के दौरान देहरा की 66 महिला मंडलों को प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये क्यों बांटे गए? अगर यह सही था तो फिर प्रदेश के महिला मंडलों से भेदभाव क्यों किया? शिमला के फागू में किसे फायदा पहुंचाने को करोड़ों के डंगे लगे? उन्होंने कहा कि कांग्रेसी विधायकों में भी भ्रष्टाचार का कंपटीशन चल रहा है। उनके पास कुबेर का खजाना कहां से आया कि न्यू चंडीगढ़ में करोड़ों की जमीनें खरीदी जा रही हैं? मेडिकल कॉलेज के आसपास लोगों की जमीनें डरा-धमका कर हथियाई जा रही हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि भाजपा की चार्जशीट कमेटी बनते ही सरकार ने राजनीतिक प्रतिशोध शुरू कर दिया। झूठे मुकद्दमे, एफआईआर, फोन टैपिंग और विधायकों की जासूसी के लिए ऐप डलवाए जा रहे हैं। 10 गारंटियां भूलकर सिर्फ मित्रों की सेवा हो रही है। अगर ये खुन्नस बंद नहीं हुई तो भाजपा हर मंत्री-विधायक को काले झंडे दिखाएगी। जनता हिसाब मांगेगी। उन्होंने चेताया कि पुलिस को झूठे मुकद्दमे करने की जो ट्रेनिंग दी जा रही है और बी.एन.एस. की धाराएं 255 व 256 हैं, ये एक साल बाद सरकार के नुमाइंदों के ही काम आएंगी।