सदर विधायक आशीष शर्मा ने हमीरपुर के दोनों स्कूलों की बहाली और सह-शिक्षा व्यवस्था दोबारा शुरू करने के सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय जनता की आवाज और लगातार हुए विरोध का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ये दोनों संस्थान कई दशकों से हमीरपुर के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे थे, लेकिन सरकार ने बिना पर्याप्त सोच-विचार के इन्हें एक-दूसरे में विलय करने का फैसला लिया। जब जनता और विपक्ष ने इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया तो सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा।आशीष शर्मा ने कहा कि ऐसे में सरकार और कांग्रेस नेताओं द्वारा जश्न मनाना तथा बधाइयाँ बांटना समझ से परे है। उन्होंने सवाल किया कि जिस फैसले से हजारों छात्र, अभिभावक और शिक्षक परेशान हुए, उसे वापस लेने पर आखिर किस उपलब्धि का उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले गलती करती है और फिर उसी गलती को सुधारकर अपनी पीठ थपथपाने का प्रयास करती है। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू पर निशाना साधते हुए आशीष शर्मा ने कहा कि वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और मुख्यमंत्री ने उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर राजनीतिक सलाहकार बनाया है। उन्होंने पूछा कि सरकार में रहते हुए बिट्टू हमीरपुर के लिए ऐसा कौन-सा नया संस्थान या बड़ी सौगात लेकर आए हैं, जिसका सीधा लाभ जिले की जनता और बच्चों को मिला हो। उन्होंने कहा कि केवल बयानबाजी से विकास नहीं होता, जनता परिणाम देखना चाहती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी जनहित के फैसलों का विरोध नहीं करती। यदि सरकार जनता के हित में कोई निर्णय लेती है तो उसका स्वागत किया जाएगा, लेकिन जहां जनता के अधिकारों पर चोट होगी, वहां भाजपा पूरी मजबूती से विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने विधानसभा में दोनों स्कूलों की बहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था और यदि अब कांग्रेस नेता भी इस मांग का समर्थन कर रहे हैं तो यह जनता की जीत है।
पूर्व विधायक होशियार सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर आशीष शर्मा ने कहा कि बिना किसी निष्पक्ष जांच के मामला दर्ज किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि जांच हुई है तो उसकी रिपोर्ट और दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद प्रदेश में शासन का सबसे बड़ा माध्यम केवल एफआईआर दर्ज करवाना बन गया है।
आशीष शर्मा ने कहा कि हमीरपुर जिले के प्रति मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का रवैया किसी से छिपा नहीं है। जनता सब देख रही है और आने वाले चुनावों में इसका जवाब देगी। उन्होंने दावा किया कि हमीरपुर जिले की सभी पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा जीत दर्ज करेगी और इसकी शुरुआत पंचायत चुनावों के परिणामों से जनता पहले ही कर चुकी है।