18 को हमीरपुर में 1,31,000 बच्चों एवं नवयुवाओं को दी जाएगी कृमिनाशक दवा

एडीसी अभिषेक गर्ग ने स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग को दिए निर्देश एचपीवी टीकाकरण और अन्य वैक्सीनेशन अभियानों की भी की समीक्षा

18 को हमीरपुर में 1,31,000 बच्चों एवं नवयुवाओं को दी जाएगी कृमिनाशक दवा
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 18 सितंबर को जिला हमीरपुर के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों और शिक्षण संस्थानों में एक से 19 साल तक के सभी बच्चों, किशोरों और नवयुवाओं, जिनकी संख्या लगभग 1,31,000 है, को कृमिनाशक दवाई एल्बेंडाजोल दी जाएगी। इनमें एक से 5 वर्ष तक के 27,419 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक भी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न टीकाकरण एवं प्रतिरक्षण कार्यक्रमों की जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी अभिषेक गर्ग ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चे के पेट में कृमि होने पर उसका शारीरिक विकास प्रभावित हो सकता है और वह अनीमिया जैसी बीमारी की चपेट में भी आ सकता है। इसलिए, 19 वर्ष तक के हर बच्चे एवं युवा के लिए कृमिनाशक दवाई बहुत ही जरूरी है। बच्चों में आंखों की समस्याओं के निवारण के लिए विटामिन-ए दवाई बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी आशा एवं आंगनवाड़ी वर्कर्स और शिक्षण संस्थानों के नोडल अधिकारी एवं प्रभारी शिक्षक बच्चों को अपनी उपस्थिति में ही यह दवाई खिलाना सुनिश्चित करें। कोई भी बच्चा इससे छूटना नहीं चाहिए। किन्हीं कारणों से छूटे बच्चों को 25 सितंबर को यह दवाई दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अन्य प्रतिरक्षण एवं टीकाकरण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए एडीसी ने कहा कि जिला में 14-15 वर्ष के आयु वर्ग की 1947 यानि लगभग 66 प्रतिशत लड़कियों को सर्विकल कैंसर रोधी टीका लगाया जा चुका है। इससे छूटी लड़कियों के टीकाकरण के लिए स्कूल स्तर पर अभियान चलाया गया है। शिक्षण संस्थानों के नोडल अधिकारी एवं शिक्षक इस आयु वर्ग की सभी लड़कियों के टीकाकरण के लिए सक्रिय योगदान दें। अभिषेक गर्ग ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग छोटे बच्चों को अलग-अलग समय पर विभिन्न वैक्सीनों की कुल 27 खुराकें निशुल्क प्रदान कर रहा है। ये वैक्सीन बच्चों को 12 बीमारियों से बचाती हैं। इसी तरह एचपीवी का टीका लड़कियों को भविष्य में सर्विकल कैंसर से बचाएगा। एडीसी ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और अन्य योजनाओं की समीक्षा भी की। बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने कृमि मुक्ति दिवस, एचपीवी और अन्य प्रतिरक्षण कार्यक्रमों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सभी बीएमओ, शिक्षा और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।