आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय, देश की संवैधानिक आत्मा को कुचलने का हुआ था प्रयास: कमलेश कुमारी

भोरंज के मनोह गांव में आयोजित हुआ आपातकाल विरोधी काला दिवस कार्यक्रम

आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय, देश की संवैधानिक आत्मा को कुचलने का हुआ था प्रयास: कमलेश कुमारी
25 जून 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह काला अध्याय है, जब देश पर 'आपातकाल' थोप कर उसकी संवैधानिक आत्मा को कुचलने का क्रूर प्रयास किया गया था। सत्ता के अहंकार में चूर तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा थोपे गए इस अंधकार ने नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उनके मौलिक अधिकारों को गहरी चोट पहुंचाई थी। यह बात भोरंज की पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री (महिला मोर्चा) कमलेश कुमारी ने भोरंज विधानसभा क्षेत्र के गांव मनोह में आयोजित एक विशेष स्मरण कार्यक्रम के दौरान कही। यह कार्यक्रम भाजपा मंडल अध्यक्ष अशोक ठाकुर जी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व विधायक कमलेश कुमारी ने मुख्य अतिथि के रूप में विशेष तौर पर शिरकत की। कार्यक्रम में आपातकाल के उस कठिन दौर में कठोर यातनाएं सहकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी महान लोकतंत्र सेनानियों को कोटिश: नमन किया गया और उनके योगदान को याद किया गया। कमलेश कुमार ने कहा कि "25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल स्वतंत्र भारत के इतिहास पर एक ऐसा कलंक है, जिसे कभी धोया नहीं जा सकता। कांग्रेस ने अपनी सत्ता बचाने के लिए पूरे देश को जेलखाने में तब्दील कर दिया था और लाखों देशभक्तों को बिना किसी कसूर के सलाखों के पीछे डाल दिया था। आज हम उन सभी महान लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हैं, जिन्होंने कठोर यातनाएं सहकर भी देश में दोबारा लोकतंत्र की बहाली सुनिश्चित की। उनके इस सर्वोच्च बलिदान और संघर्ष को यह देश कभी नहीं भूलेगा। नई पीढ़ी को इस इतिहास से सीख लेनी चाहिए ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हमेशा की जा सके।" इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ संयोजक देवराज शर्मा, मंडल महामंत्री अजय शर्मा, प्रवीण ठाकुर, शक्ति चंद डोगरा, संजय ठाकुर, राजकुमार, पुरुषोत्तम शर्मा सहित भाजपा के कई अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता व स्थानीय प्रबुद्ध जन मौजूद रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दोहराया।