मुख्यमंत्री कर रहे हैं बड़सर के साथ सौतेला व्यवहार आयुष संस्थानों की बदहाली ने खोली कांग्रेस सरकार की पोल: इंद्रदत्त लखनपाल

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बड़सर के विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल ने आयुष विभाग की बदहाली पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बड़सर विधानसभा क्षेत्र के साथ खुला सौतेला व्यवहार कर रहे हैं।
सरकार द्वारा प्रश्न संख्या 1272 के लिखित उत्तर में स्वयं यह स्वीकार किया गया कि बड़सर क्षेत्र में स्थापित 15 आयुष संस्थान (14 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र व 01 आयुर्वेदिक अस्पताल) वर्षों से बिना पर्याप्त स्टाफ के चल रहे हैं। इनमें से कई पद कई वर्षों से रिक्त हैं, जिन्हें आज तक भरने का कोई प्रयास नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में नई घोषणाएँ और पदों की भर्तियाँ की जा रही हैं, लेकिन बड़सर की अनदेखी की जा रही है।
सरकार का यह स्वीकार करना कि कई सालों से पद रिक्त हैं, यह साबित करता है कि बड़सर की जनता को जानबूझकर उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
यह सौतेला रवैया जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।
विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल का सीधा सवाल
विधायक ने कहा “जब मुख्यमंत्री प्रदेश के बाकी जिलों में नए-नए वादे और उद्घाटन कर सकते हैं, तब बड़सर के लोगों को उनका हक क्यों नहीं दिया जा रहा? क्या बड़सर की जनता ने कांग्रेस को वोट नहीं दिया? यह साफ सौतेला व्यवहार है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा “ग्रामीण इलाकों में आयुष सेवाएँ सिर्फ कागजों पर चल रही हैं, मरीजों को इलाज और दवाइयों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।”
“प्रदेश सरकार ने बड़सर के साथ अन्याय की हद कर दी है।”
आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र दखयोडा – चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद से रिक्त।
आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र जोडे अम्ब – चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद से रिक्त।
आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र कलवाल – चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद रिक्त।
आयुर्वेदिक चिकित्सालय बिझड़ी – सफाई कर्मचारी का पद कई सालों से रिक्त।
इनके अलावा चिकित्सक और तकनीकी पद भी वर्षों से खाली हैं।
विधायक इन्द्र दत्त लखनपाल ने कहा कि यदि सरकार ने तुरंत कार्रवाई करके बड़सर के संस्थानों में रिक्त पदों को नहीं भरा तो भाजपा जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी।
“मुख्यमंत्री को यह समझना होगा कि बड़सर की जनता दूसरी दर्जे की नागरिक नहीं है। जनता के साथ सौतेला व्यवहार बंद कर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकार दिया जाए, अन्यथा कांग्रेस सरकार को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।"
भाजपा सरकार की दृष्टि बनाम कांग्रेस की लापरवाही
विधायक ने याद दिलाया कि पूर्व भाजपा सरकार के समय आयुष संस्थानों को मजबूत करने के प्रयास हुए थे और केंद्र सरकार आज भी आयुष को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजनाएँ शुरू कर रही है। लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार उन संस्थानों को भी चलाने में नाकाम है जो पहले से स्थापित हैं।