डाटा एकत्रीकरण में सटीकता एवं गुणवत्ता का रखें ध्यान : गंधर्वा राठौड़

आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग की कार्यशाला में डीसी ने अधिकारियों से की अपील सही डाटा के आधार पर ही बनाई जा सकती हैं प्रभावी योजनाएं

डाटा एकत्रीकरण में सटीकता एवं गुणवत्ता का रखें ध्यान : गंधर्वा राठौड़
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने सभी अधिकारियों से अपील की है कि वे फील्ड में किसी भी तरह का डाटा एकत्रित करते समय इसकी सटीकता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। क्योंकि, सभी तरह की योजनाएं हमेशा फील्ड के डाटा के आधार पर ही तैयार की जाती हैं और अगर डाटा सटीक होगा तो उससे संबंधित योजना तैयार करने में आसानी होगी तथा उस योजना का क्रियान्वयन भी बेहतर एवं प्रभावी ढंग से संभव होगा। सोमवार को यहां हमीर भवन में आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने यह अपील की। विभागीय अधिकारियों के लिए आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिला में डाटा एकत्रीकरण की प्रक्रिया में सुधार लाना है। उपायुक्त ने कहा कि जनसंख्या, आर्थिक सर्वेक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, रोजगार, उद्यमिता, कृषि, पशुपालन और विकास के अन्य महत्वपूर्ण मानकों से संबंधित डाटा विभिन्न विभागों के माध्यम से नियमित रूप से एकत्रित किया जाता है तथा उसके आधार पर ही सरकार योजनाएं बनाती हैं। इसी डाटा के आधार पर देश, प्रदेश और जिले की परफॉर्मेंस का पता चलता है। जिला सुशासन सूचकांक में भी इसी डाटा के आधार पर रैंकिंग की जाती है। इससे सरकार को विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में महत्वपूर्ण फीडबैक भी मिलता है। उपायुक्त ने सभी विभागों के जिला प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने कार्यालयों में डाटा एकत्रीकरण के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें और अपने डाटा को हर समय अपडेट रखें। इस अवसर पर जिला सांख्यिकीय अधिकारी अशोक कुमार ने उपायुक्त और अन्य सभी अधिकारियों का स्वागत किया तथा डाटा एकत्रीकरण की प्रक्रिया एवं डाटा के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सांख्यिकीय सहायक जीवन कुमार ने डाटा एकत्रीकरण में आने वाली विभिन्न समस्याओं और इसकी गुणवत्ता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं तथा जिला सुशासन सूचकांक के मानकों से अवगत करवाया।