संसदीय स्थायी समिति (कोयला, खान एवं इस्पात) का हैदराबाद अध्ययन दौरा सफलतापूर्वक संपन्न

अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में ग्रीन स्टील ट्रांजिशन, पर्यावरणीय अनुपालन और इस्पात क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर हुई विस्तृत चर्चा

संसदीय स्थायी समिति (कोयला, खान एवं इस्पात) का हैदराबाद अध्ययन दौरा सफलतापूर्वक संपन्न
संसदीय स्थायी समिति (कोयला, खान एवं इस्पात) ने अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में अपने बहु-शहरी अध्ययन दौरे का समापन हैदराबाद में विस्तृत बैठकों और विचार-विमर्श के साथ किया। समिति के इस अध्ययन दौरे के अंतर्गत इससे पूर्व सिलीगुड़ी और गंगटोक का दौरा भी किया गया था। हैदराबाद प्रवास के दौरान समिति ने कोयला मंत्रालय, इस्पात मंत्रालय तथा सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तीन महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लिया। इन बैठकों में सेल, एनएमडीसी, आरआईएनएल, एमएसटीसी, मेकॉन, मोइल, केआईओसीएल, एससीसीएल, डब्ल्यूसीएल और एसईसीएल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रातःकालीन सत्र में कोयला एवं लिग्नाइट कंपनियों द्वारा पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन पर विशेष चर्चा हुई। समिति ने एससीसीएल, डब्ल्यूसीएल और एसईसीएल के अधिकारियों के साथ विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। साथ ही कोयला मंत्रालय के साथ खदानों के लिए लागू स्टार रेटिंग प्रणाली और नियामक ढांचे पर भी चर्चा की गई। दोपहर बाद आयोजित दो महत्वपूर्ण सत्र इस्पात क्षेत्र पर केंद्रित रहे। पहले सत्र में भारत के ग्रीन स्टील ट्रांजिशन की दिशा में चल रहे प्रयासों की समीक्षा की गई। इसमें राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत मेकॉन की भूमिका, हाइड्रोजन आधारित डीआरआई इस्पात निर्माण के लिए मोइल और केआईओसीएल की तैयारियों तथा कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम और ग्रीन स्टील मिशन के बीच समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई। दूसरे सत्र में इस्पात क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। सेल, एनएमडीसी, एमएसटीसी और आरआईएनएल ने कोकिंग कोल तथा विशेष श्रेणी के इस्पात के आयात प्रतिस्थापन के लिए अपने रोडमैप और योजनाओं को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि समिति का यह अध्ययन दौरा कोयला और इस्पात दोनों क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि देश की औद्योगिक प्रगति, हरित ऊर्जा की दिशा में संक्रमण और घरेलू उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास आवश्यक हैं तथा समिति इन विषयों पर गंभीरता से कार्य कर रही है।