प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक तकनीक और नवाचार शक्ति के रूप में उभर रहा है: अनुराग सिंह ठाकुर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक तकनीक और नवाचार शक्ति के रूप में उभर रहा है: अनुराग सिंह ठाकुर
एआई से लेकर परमाणु प्रौद्योगिकी तक, भविष्य की तकनीकों में भारत दुनिया का नेतृत्व कर रहा है
मोदी सरकार एआई, अंतरिक्ष, रक्षा और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत के तकनीकी परिवर्तन को तेज गति दे रही है
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, परमाणु ऊर्जा, रक्षा नवाचार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में तेजी से वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रहा है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस भारत की वैज्ञानिक उत्कृष्टता, नवाचार क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता की यात्रा का उत्सव है। उन्होंने कहा कि पोखरण परमाणु परीक्षणों से लेकर आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक, स्वदेशी रक्षा निर्माण, सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र और फास्ट ब्रीडर परमाणु रिएक्टर जैसी उपलब्धियों तक भारत की तकनीकी यात्रा आत्मनिर्भर भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और क्षमता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में मोदी सरकार ने डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया, इंडिया एआई मिशन, नेशनल क्वांटम मिशन और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन जैसी पहलों के माध्यम से दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते नवाचार पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक का निर्माण किया है। आज भारत में 2.25 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप और 128 यूनिकॉर्न कार्यरत हैं। देश में हजारों उद्यम डीप-टेक, रोबोटिक्स, जैव प्रौद्योगिकी, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और एआई आधारित समाधानों पर कार्य कर रहे हैं।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार ने भारत में मजबूत सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकोसिस्टम विकसित करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। चिप निर्माण, सेमीकंडक्टर पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और डिजाइन नवाचार में हो रहे निवेश भारत को वैश्विक सप्लाई चेन और रणनीतिक तकनीकों में महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है, जहां 300 से अधिक निर्माण इकाइयां घरेलू मांग की लगभग पूरी पूर्ति कर रही हैं। स्मार्टफोन निर्यात 30.13 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है और भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्यातक बन गया है।
अनुराग ठाकुर ने भारत की हालिया परमाणु तकनीकी उपलब्धियों को देश के वैज्ञानिक इतिहास का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि कल्पक्कम में विकसित 500 मेगावाट क्षमता वाले स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की क्रिटिकलिटी प्राप्ति भारत के दीर्घकालिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे भारत की थोरियम आधारित ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में लागू शांति अधिनियम ढांचा और सरकार का न्यूक्लियर एनर्जी मिशन स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, उन्नत रिएक्टर तकनीकों और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर विकास को और गति देगा।
रक्षा और रणनीतिक तकनीकों के क्षेत्र में अनुराग ठाकुर ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत भारत ने मिसाइल, ड्रोन, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, निगरानी प्रणालियों और उन्नत सैन्य प्लेटफॉर्म के स्वदेशी निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा भारत का रक्षा निर्यात भारतीय तकनीकी क्षमता और निर्माण गुणवत्ता पर वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम पर बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले नवाचार और वैज्ञानिक उत्कृष्टता का वैश्विक मॉडल बन चुका है। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3, आदित्य-एल1 और मंगलयान मिशनों ने न केवल भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ाया है बल्कि भारत को विश्वसनीय और सक्षम अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित किया है। भारत की सस्ती और भरोसेमंद लॉन्च क्षमताओं ने देश को वैश्विक सैटेलाइट लॉन्च और व्यावसायिक अंतरिक्ष सेवाओं का महत्वपूर्ण भागीदार बनाया है।
उन्होंने कहा कि गगनयान मिशन भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं की दिशा में ऐतिहासिक कदम है और यह देश के बढ़ते तकनीकी आत्मविश्वास को दर्शाता है। साथ ही भारत पुन: प्रयोज्य लॉन्च व्हीकल, अगली पीढ़ी की लॉन्च प्रणालियों, सैटेलाइट संचार, नेविगेशन तकनीकों और निजी क्षेत्र आधारित अंतरिक्ष नवाचार में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने से भारतीय स्पेस स्टार्टअप, लॉन्च तकनीक नवप्रवर्तकों और सैटेलाइट निर्माताओं के लिए व्यापक अवसर पैदा हुए हैं, जिससे आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में तकनीक की केंद्रीय भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत केवल आर्थिक विकास के लिए ही नवाचार को नहीं अपना रहा, बल्कि सामाजिक समावेशन, पारदर्शी शासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता और नागरिक सशक्तिकरण के लिए भी तकनीक का प्रभावी उपयोग कर रहा है।
देशभर के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और युवा तकनीकी विशेषज्ञों को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि उनके योगदान से एक आत्मविश्वासी, नवाचारी और तकनीकी रूप से सशक्त भारत का निर्माण हो रहा है, जो भविष्य की तकनीकों में विश्व का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।