सुजानपुर का लगभग 230 वर्ष पुराना राष्ट्रीय होली मेला इस वर्ष विवादों में घिर गया है। स्थानीय दुकानदारों और युवा व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि मेले की भूमि आवंटन प्रक्रिया में बाहरी लोगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय कारोबारियों के हितों पर आघात हो रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि पिछले वर्ष प्रति प्लॉट दर 7500 रुपये थी, जबकि इस बार सरकार द्वारा पूरे चौगान मैदान को एक गैर-हिमाचली व्यक्ति को सौंपने की चर्चा है, जिससे प्लॉट दरों में मनमानी बढ़ोतरी की आशंका है। इसे करोड़ों रुपये के संभावित घोटाले से जोड़कर देखा जा रहा है।
मेला मैदान में सरस्वती मेला, विभिन्न विभागों के स्टॉल, तीन नर्सरी, लगभग 450 प्लॉट, 20 बड़े फर्नीचर स्टॉल, पार्किंग स्थल तथा दो बड़े डोम (प्रत्येक में करीब 200 दुकानें) शामिल हैं।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने इस निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए पारंपरिक व्यवस्था बहाल करने और पारदर्शी तरीके से प्लॉट आवंटन की मांग की है। इस मोके पर स्थानीयव्यापारी विकरान चुहान दीपक ठाकुर आशु ठाकुर दिनेश पंडित राकेश कोट आदि माजूद रहे।