समर कैंप 2026 में नौनिहालों को करवाई जाएगी ‘कमाल की तैयारी’
समर कैंप 2026 में नौनिहालों को करवाई जाएगी ‘कमाल की तैयारी’
3 से 6 साल तक के लगभग 80 हजार बच्चों का किया जाएगा मार्गदर्शन एवं मूल्यांकन
प्रदेश भर के चयनित 6400 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से चलाया जाएगा अभियान
हमीरपुर खंड के 64 आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं को किया गया प्रशिक्षित
महिला एवं बाल विकास विभाग और ‘प्रथम’ एजुकेशन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेश के चयनित 6400 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में आरंभ किए जा रहे समर कैंप 2026 ‘कमाल की तैयारी’ अभियान के लिए जिला हमीरपुर में भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी कड़ी में हमीरपुर खंड का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हो गया। इसमें हमीरपुर खंड के 64 चयनित आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं और 5 पर्यवेक्षकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर पर्यवेक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के नामांकन एवं नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देना तथा उन्हें विद्यालय में प्रवेश के लिए बेहतर रूप से तैयार करना है। अभिभावकों की सहभागिता को सुदृढ़ बनाकर बच्चों के समग्र विकास एवं सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना भी इस पहल का महत्वपूर्ण लक्ष्य है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत सर्वप्रथम चयनित आंगनवाडी केंद्रों पर समर मेला-1 का आयोजन किया जाएगा, जिनमें बच्चों एवं उनके अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इन मेलों में समुदाय के 3 से 6 साल के सभी बच्चे एवं उनके अभिभावक खासकर माताएं भाग लंेगीं। इन मेलों में खेल-खेल के माध्यम से बच्चों के विकास के पांच प्रमुख मानकों-भाषा विकास, बौद्धिक विकास, सामाजिक-भावनात्मक विकास, गणित की पूर्व तैयारी तथा शारीरिक विकास पर आधारित मूल्यांकन किया जाएगा और प्रत्येक बच्चे को रिपोर्ट कार्ड दिया जाएगा। इसके उपरांत 4 से 6 सप्ताह की अवधि तक अभिभावकों को व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से बच्चों के साथ घर पर किए जाने योग्य आसान, रोचक एवं शिक्षण-सहायक गतिविधियां साझा की जाएंगी। अभियान के समापन पर समर मेला-2 आयोजित किया जाएगा, जिसमें बच्चों की सीखने की प्रगति का अवलोकन एवं मूल्यांकन किया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से हिमाचल प्रदेश में 3 से 6 साल के लगभग 80,000 बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर सीडीपीओ सुनीता शर्मा और अन्य अधिकारियों ने भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अभियान की बारीकियों से अवगत करवाया। प्रतिभागियों को बच्चों के विकास के क्षेत्र एवं उनकी तैयारी से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन कर उनकी उपयोगिता भी समझाई गई। सीडीपीओ ने कहा कि इस प्रशिक्षण के उपरांत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने आंगनवाडी केंद्रों में या स्थानीय समुदाय के बीच अभियान के विभिन्न आयामों के अनुरूप कार्य करेंगी और अपने पर्यवेक्षक की देख-रेख में इस व्यापक आयोजन के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की तैयारी में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।