शैक्षणिक शोध, इतिहास एवं सांस्कृतिक अध्ययन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान, नेरी हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश तथा इतिहास विभाग, सरदार पटेल विश्वविद्यालय, वल्लभ विद्यानगर, आनंद (गुजरात) के मध्य विश्वविद्यालय में कुलपति कार्यालय में एक गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी की ओर से संस्थान के निदेशक डॉ. चेतराम गर्ग व डॉ. राकेश कुमार शर्मा संपादक इतिहास दिवाकर ने हस्ताक्षर किए जबकि विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. निरंजनभाई पटेल, कुलसचिव डॉ. भाईलाल परसोतमभाई पटेल तथा प्रो. वसंत पटेल अध्यक्ष, इतिहास विभाग ने इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर कर सहयोग की औपचारिक शुरुआत की। समझौता ज्ञापन के अंतर्गत दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त शोध परियोजनाओं, परिसंवाद, संगोष्ठी एवं कार्यशालाओं के आयोजन, संयुक्त प्रकाशन तथा इतिहास, संस्कृति एवं क्षेत्रीय अध्ययन के क्षेत्र में विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश और गुजरात सहित पश्चिम व उत्तर भारत की ऐतिहासिक विरासत, लोक परंपराओं, सामाजिक-सांस्कृतिक विकास तथा क्षेत्रीय इतिहास पर समन्वित अनुसंधान को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस अवसर पर डॉ.चेतराम गर्ग ने कहा कि यह हमारे लिए विशेष सम्मान की बात है कि हम वर्ष 1954 में स्थापित, राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम से प्रतिष्ठित सरदार पटेल विश्वविद्यालय, वल्लभ विद्यानगर के साथ औपचारिक शैक्षणिक साझेदारी स्थापित कर रहे हैं। यह समझौता ज्ञापन केवल दो संस्थानों के बीच प्रशासनिक सहमति मात्र नहीं है बल्कि यह भारतीय उच्च शिक्षा की उस परंपरा का विस्तार है, जिसमें ज्ञान, शोध और राष्ट्रबोध का समन्वय निहित है। कार्यक्रम में कुलपति प्रो.निरंजनभाई पटेल ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन दो संस्थानों के भारतीय उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान परंपरा में सहयोग, समन्वय और साझा बौद्धिक उत्तरदायित्व की एक सशक्त अभिव्यक्ति है। मुझे दृढ़ विश्वास है कि यह साझेदारी दोनों संस्थानों की अकादमिक क्षमताओं को एक साझा मंच पर लाकर अनुसंधान की गुणवत्ता, दृष्टि और व्यापकता को नई दिशा प्रदान करेगी। इस अवसर पर इतिहास विभाग से प्रो. हेमंत दवे, डॉ. दलीप चौधरी उपस्थित रहे ।