जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने नीलम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिहड़ू, तहसील ढटवाल में एक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने बताया कि एससी-एसटी वर्ग के लोगों, महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगों, आपदा पीड़ितों, अत्याचार पीड़ितों, श्रमिकों, किन्नरों, कैदियों और सालाना 3 लाख रुपये से कम आय वाले सभी वर्गों के लोगों के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) ने मुफ्त कानूनी सहायता का प्रावधान किया। किसी भी न्यायालय परिसर में स्थापित फ्रंट आफिस में जाकर पात्र लोग मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। नालसा के हेल्पलाइन नंबर 15100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
कुलदीप शर्मा ने बताया कि मानसिक बीमारी और बौद्धिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सहायता एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए भी नालसा ने मनोन्याय योजना शुरू की है। मानसिक बीमारी के कारण जहां-तहां भटक रहे लोगों की मदद के लिए 7 से 9 अक्तूबर तक विशेष अभियान भी चलाया गया है।
उन्होंने विद्यार्थियों को नालसा की अन्य योजनाओं, नशे की समस्या और एनडीपीएस एक्ट, मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों, रैगिंग रोधी कानून, साइबर अपराधों के प्रति सावधानी, मोटर वाहन अधिनियम और कई अन्य महत्वपूर्ण अधिनियमों की विस्तृत जानकारी भी दी।
उन्होंने बताया कि अदालतों में लंबित मामलों का निपटारा मध्यस्थता, सुलह एवं आपसी सहमति से भी किया जा सकता है। इनके अलावा सभी न्यायालयों में समय-समय पर आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालतों में भी केसों का त्वरित निपटारा करवाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अगली लोक अदालत 12 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। संबंधित लोग इस लोक अदालत में अपने केस का त्वरित निपटारा करवा सकते हैं।