जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य पर मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के मनोचिकित्सा विभाग के सहयोग से शुक्रवार को यहां दोसड़का स्थित जेल के कैदियों के लिए स्वास्थ्य जांच एवं जागरुकता शिविर आयोजित किया। इसके बाद सुजानपुर के बाल आश्रम में भी महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग के सहयोग से शिविर आयोजित किया। इन दोनों शिविरों की अध्यक्षता प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने की।
जेल परिसर में आयोजित शिविर के दौरान कुलदीप शर्मा ने कैदियों को उनके कानूनी अधिकारों और विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर वर्ष 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करना तथा मानसिक समस्याओं के शिकार लोगों को सही परामर्श एवं उपचार प्रदान करना है। मानसिक समस्याओं से ग्रस्त लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) ने भी विशेष प्रावधान किए हैं।
इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के मनोचिकित्सक डॉ. महेंद्र सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं तथा कई कैदियों का चैकअप भी किया।
उधर, बाल आश्रम सुजानपुर में भी कुलदीप शर्मा ने बच्चों के साथ संवाद किया। उन्होंने आश्रम में विभिन्न सुविधाओं का जायजा भी लिया। इस अवसर पर मनोचिकित्सक डॉ. नेहा शर्मा ने भी मानसिक स्वास्थ्य को लेकर व्यापक चर्चा की। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी प्रदीप चौहान ने भी बच्चों के पोषण से संबंधित कई महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत करवाया।