पंजाब को नशामुक्त बनाकर ही देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है : अनुराग सिंह ठाकुर
पंजाब को नशामुक्त बनाकर ही देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है : अनुराग सिंह ठाकुर
आप सरकार पंजाब को नशा तस्करों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना रही है : अनुराग सिंह ठाकुर
मुख्यमंत्री सुक्खू किशाऊ बांध परियोजना का श्रेय लेने का प्रयास बंद करें : अनुराग सिंह ठाकुर
नशामुक्त पंजाब अभियान में शामिल हुए अनुराग सिंह ठाकुर, भावी पीढ़ियों को नशे के संकट से बचाने के लिए निर्णायक लड़ाई का किया आह्वान
भारतीय जनता पार्टी के नशामुक्त पंजाब अभियान के तहत रूपनगर जिले में गुरुद्वारा श्री कटलगढ़ साहिब, मोरिंडा, रोपड़ शहर और घनौली में आयोजित विशाल जनसभाओं को संबोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने पंजाब में बढ़ते नशे के संकट के खिलाफ एकजुट और निर्णायक लड़ाई का आह्वान किया।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब आज नशे के बढ़ते संकट का सामना कर रहा है और आपराधिक तंत्र तथा प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। भारत के युवाओं को सुरक्षित रखने और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए पंजाब को नशामुक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की नशामुक्त पंजाब यात्रा केवल राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि पंजाब की सामाजिक विरासत को सुरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बचाने के लिए व्यापक जनजागरण का प्रयास है। उन्होंने पंजाब के युवाओं, किसानों, परिवारों और सामाजिक संगठनों से इस अभियान में एकजुट होकर भाग लेने का आह्वान किया।
आप सरकार पर तीखा हमला करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि सत्ता में आने से पहले तीन महीने में नशा खत्म करने का दावा करने वाली सरकार ने पांच वर्षों में कई समय-सीमाएं दीं, लेकिन जमीनी स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दिया। उन्होंने कहा कि नशे की तस्करी, परिवारों पर पड़ रहे दुष्प्रभाव और नशामुक्ति केंद्रों में बढ़ती संख्या पंजाब के सामने मौजूद गंभीर चुनौती को दर्शाती है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियान से जुड़े आंकड़ों और दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस दावे का उल्लेख किया जिसमें 18 महीनों में 73,000 नशा तस्करों की गिरफ्तारी की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब की 26 जेलों की कुल क्षमता 26,556 है और सरकार को अपने दावों तथा कार्रवाई के वास्तविक परिणामों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने नशामुक्ति केंद्रों के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती मरीजों की संख्या 2024 में 9,577 से बढ़कर 2025 में 25,290 हो गई। उन्होंने कहा कि 2026 के मध्य तक भी 14,000 से अधिक मरीज भर्ती हो चुके थे, जो इस चुनौती की गंभीरता को दर्शाता है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार वर्ष 2029 तक नशामुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है और पंजाब इस राष्ट्रीय अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने पंजाब के लोगों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर नशे के खिलाफ सामाजिक आंदोलन को मजबूत करने और युवाओं के सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य के लिए आगे आने का आह्वान किया।
किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना पर मुख्यमंत्री सुक्खू को जवाब
कार्यक्रम से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान अनुराग सिंह ठाकुर ने किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना को लेकर हाल में हुए अंतरराज्यीय समझौते का उल्लेख किया। केंद्र सरकार के अनुसार जून 2026 में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच परियोजना को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी थी और सितंबर 2026 में छह राज्यों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। केंद्र सरकार परियोजना के जल घटक की लागत का लगभग 90 प्रतिशत वहन करेगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत भागीदार राज्यों के बीच साझा किया जाएगा।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि किशाऊ परियोजना लंबे समय से लंबित रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के नेतृत्व में राज्यों के बीच सहमति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हुए हैं। उन्होंने इसे सहकारी संघवाद का उदाहरण बताया।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर परियोजना का श्रेय लेने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने में केंद्र सरकार तथा विभिन्न राज्य सरकारों के बीच लंबे समय से चली आ रही बातचीत और सहमति निर्माण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
केंद्र सरकार के अनुसार किशाऊ परियोजना राष्ट्रीय परियोजना के रूप में आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित परियोजना टोंस नदी पर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा क्षेत्र में है। इससे लगभग 97,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और 1,476 मिलियन यूनिट स्वच्छ जलविद्युत उत्पादन का लक्ष्य है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की प्राथमिकता हिमाचल प्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत की जल, ऊर्जा और सिंचाई आवश्यकताओं को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि किशाऊ परियोजना को लेकर सभी पक्षों के हितों की रक्षा करते हुए पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।