पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज मुंबई के नाना चौक स्थित सेवा सदन में योगाभ्यास किया तथा आधुनिक जीवन में योग की उपयोगिता पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योग तनावमुक्त जीवन का साधन है तथा एक स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण विश्व के निर्माण की दिशा में सार्थक माध्यम है।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" रही। सेवा सदन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में एसआरएमडी वेलनेस की ग्लोबल हेड आत्मार्पित डॉ. मानसीजी के मार्गदर्शन में योग, ध्यान एवं साउंड हीलिंग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें अनुराग सिंह ठाकुर और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा भी उपस्थित रहे। योगाभ्यास के साथ आयोजित ध्यान एवं ध्वनि चिकित्सा के अनुभव ने प्रतिभागियों को आंतरिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का विशेष अनुभव कराया। सेवा सदन जैसे सेवा और समर्पण के केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम ने योग, ध्यान और मानवीय संवेदनाओं के समन्वय का सशक्त संदेश दिया।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक स्पष्टता, आध्यात्मिक शांति और शारीरिक सुदृढ़ता का समग्र माध्यम है। आधुनिक जीवन की भागदौड़ और बढ़ते तनाव के बीच योग एक स्वस्थ, सशक्त और एकाग्र समाज के निर्माण का प्रभावी साधन बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को शरीर, मन और आत्मा के संतुलन की दिशा में प्रेरित करता है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग का एक प्राचीन भारतीय परंपरा से विश्वव्यापी जन-आंदोलन के रूप में विकसित होना भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और उसकी प्रभावशाली सॉफ्ट पावर का सशक्त उदाहरण है। भारत ने अपनी इस अमूल्य विरासत को पूरी दुनिया के साथ साझा कर शांति, स्वास्थ्य और वैश्विक एकता का संदेश दिया है, जिससे विभिन्न देशों और संस्कृतियों के बीच संवाद, सहयोग और सौहार्द को नई दिशा मिली है।
उन्होंने देशवासियों से योग को अपनी दैनिक जीवनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास से स्वस्थ, समर्थ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।