हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा लोकसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न के उत्तर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया है कि भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी (63 किलोमीटर) नई रेल लाइन परियोजना का कार्य हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किए जाने के कारण प्रभावित हो रहा है। मंत्रालय के अनुसार लागत साझेदारी व्यवस्था के तहत राज्य सरकार को कुल 2,910 करोड़ रुपये का अंशदान देना था, जिसके मुकाबले अब तक केवल 847 करोड़ रुपये ही जमा किए गए हैं। इस प्रकार 2,063 करोड़ रुपये की राशि अभी भी बकाया है, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन और भुगतान प्रभावित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त बिलासपुर-बेरी खंड के लिए भूमि अधिग्रहण एवं भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी अभी तक पूरी नहीं हुई है, जिससे निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश में आधुनिक रेल अवसंरचना के विस्तार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भानुपल्ली-बिलासपुर खंड के लिए भूमि अधिग्रहण लगभग पूरा हो चुका है तथा वन स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। परियोजना के अंतर्गत 16 में से 15 सुरंगों, 49 में से 39 छोटे पुलों, 27 में से 10 बड़े पुलों, 8 में से 6 रोड ओवर ब्रिज तथा सभी रोड अंडर ब्रिज एवं लिमिटेड हाइट सबवे का कार्य पूरा किया जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि जहां-जहां राज्य सरकार का आवश्यक सहयोग मिला, वहां परियोजना ने तेज़ी से प्रगति की है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल परियोजना हिमाचल प्रदेश के विकास, पर्यटन, व्यापार और रोजगार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से 2,063 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा न किए जाने तथा भूमि अधिग्रहण एवं हस्तांतरण की प्रक्रिया लंबित रहने से परियोजना की गति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य राजनीति से ऊपर होते हैं और प्रदेश सरकार को हिमाचल के व्यापक हित में केंद्र सरकार के साथ पूर्ण सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह बिना किसी और विलंब के अपनी बकाया वित्तीय हिस्सेदारी जमा करे तथा भूमि अधिग्रहण एवं हस्तांतरण की शेष प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करे, ताकि परियोजना निर्धारित समयसीमा में पूरी हो सके और प्रदेश की जनता को आधुनिक रेल संपर्क का लाभ मिल सके।