भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र सिंह राणा ने कहा कि हमीरपुर जिला परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चयन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से व्यापक विचार-विमर्श, आपसी समन्वय तथा सभी निर्वाचित भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्यों की सर्वसम्मति से किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निर्णय में संगठनात्मक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व तथा सामाजिक समरसता का पूरा ध्यान रखा गया है।
राणा ने कहा कि भोरंज विधानसभा क्षेत्र को पिछले लगभग 35 वर्षों से जिला परिषद में अध्यक्ष पद का प्रतिनिधित्व करने का अवसर नहीं मिला था। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए तथा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से समन्वय स्थापित कर धमरोल वार्ड से विजयी अनीता शर्मा को जिला परिषद का अध्यक्ष चुना गया। इसी प्रकार क्षेत्रीय संतुलन एवं जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए बड़सर विधानसभा क्षेत्र के करेर वार्ड से विजयी गुरदीप सिंह को सर्वसम्मति से जिला परिषद का उपाध्यक्ष चुनकर और अनुसूचित जाति को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि संगठन सर्वोपरि की भावना के साथ कार्य करते हुए पार्टी प्रत्येक निर्णय सामूहिक सहमति और संगठनात्मक अनुशासन के आधार पर लेती है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्विरोध एवं सर्वसम्मति से चयन भाजपा की संगठनात्मक शक्ति, आपसी विश्वास और कार्यकर्ताओं की एकजुटता का सशक्त उदाहरण है।
राजेंद्र सिंह राणा ने कहा कि हमीरपुर जिला परिषद में भाजपा समर्थित सदस्यों की प्रचंड जीत केवल जिला परिषद का चुनावी परिणाम नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध जनता के गहरे आक्रोश का स्पष्ट संदेश है। मुख्यमंत्री के गृह जिले में कांग्रेस का लगभग पूरी तरह सिमट जाना इस बात का प्रमाण है कि जनता का विश्वास कांग्रेस सरकार से पूरी तरह उठ चुका है। उन्होंने कहा कि यह परिणाम कांग्रेस के कुशासन और जनविरोधी नीतियों पर जनता का करारा प्रहार है।
राणा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह संगठित, सशक्त और एकजुट है। प्रदेशभर में संगठन बूथ स्तर तक मजबूती के साथ कार्य कर रहा है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमीरपुर जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर भी भाजपा ऐतिहासिक एवं भारी बहुमत से विजय प्राप्त करेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' अब चकनाचूर होने वाले हैं। सत्ता में वापसी के जो ख्वाब कांग्रेस नेतृत्व देख रहा है, उन्हें हमीरपुर की जनता ने जिला परिषद चुनाव के परिणामों के माध्यम से पूरी तरह तोड़ दिया है। यह चुनाव परिणाम स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश में परिवर्तन की लहर चल पड़ी है और जनता कांग्रेस सरकार को विदा करने का मन बना चुकी है।
राजेंद्र सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में दस हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजय का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिस मुख्यमंत्री की अपने ही गृह जिले में राजनीतिक साख नहीं बची, जो अपने ही जिले में कांग्रेस को सम्मानजनक प्रदर्शन तक नहीं दिला पाया, वह पूरे प्रदेश का प्रभावी नेतृत्व करने का दावा कैसे कर सकता है। हमीरपुर की जनता ने जिला परिषद चुनावों में मुख्यमंत्री को उनकी वास्तविक राजनीतिक स्थिति का आईना दिखा दिया है।
राणा ने कहा कि जिला परिषद चुनावों का यह परिणाम केवल एक ट्रेलर है, जबकि वास्तविक तस्वीर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में सामने आएगी। प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की विफलताओं का हिसाब लेने के लिए तैयार बैठी है और भाजपा एक मजबूत, संगठित तथा जनविश्वास से परिपूर्ण संगठन के रूप में जनता के बीच खड़ी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2027 में भाजपा प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी तथा हमीरपुर जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर भी ऐतिहासिक विजय दर्ज करेगी।