प्रवासी हिमाचलियों ने रखा हिमाचल की टोपी का मान: फरीदाबाद में हिमाचल वेलफेयर एसोसिएशन के समारोह में बोले अनुराग सिंह ठाकुर

अनुराग सिंह ठाकुर की मांग पर फरीदाबाद में हिमाचल भवन के लिए ₹31 लाख स्वीकृत

प्रवासी हिमाचलियों ने रखा हिमाचल की टोपी का मान: फरीदाबाद में हिमाचल वेलफेयर एसोसिएशन के समारोह में बोले अनुराग सिंह ठाकुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने फरीदाबाद में हिमाचल वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित हिमाचली सांस्कृतिक समारोह में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और स्थानीय विधायक दिनेश अधलखा के साथ सहभागिता की। इस अवसर पर फरीदाबाद में हिमाचल भवन के निर्माण के लिए अनुराग सिंह ठाकुर की मांग पर विपुल गोयल ने ₹21 लाख तथा दिनेश अधलखा ने ₹10 लाख, कुल ₹31 लाख की राशि स्वीकृत की। समारोह में हिमाचल के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने पारंपरिक हिमाचली संगीत और नृत्य का आनंद लिया तथा हिमाचली धाम का लुत्फ उठाया। अनुराग सिंह ठाकुर ने सफल आयोजन के लिए हिमाचल वेलफेयर एसोसिएशन और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि “हिमाचली जहां भी रहते हैं, वहां अपने आप एक मिनी हिमाचल बन जाता है। प्रदेश से बाहर रहने वाले हर हिमाचली ने अपनी मेहनत और ईमानदारी से हिमाचल की टोपी का मान बढ़ाया है और भारत निर्माण में योगदान दिया है। फरीदाबाद में बड़ी संख्या में हिमाचली समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। लंबे समय से लंबित हिमाचल भवन के निर्माण के लिए ₹31 लाख स्वीकृत करने पर हरियाणा सरकार और स्थानीय विधायक का आभार है।” उन्होंने कहा कि देश के 21 परमवीर चक्र विजेताओं में से चार हिमाचल से हैं। हिमाचल के वीरों ने 2 अशोक चक्र, 10 महावीर चक्र, 19 कीर्ति चक्र, 51 वीर चक्र, 90 शौर्य चक्र और 989 अन्य सेना पदक सहित लगभग 1165 शौर्य सम्मान हासिल किए हैं। करीब साढ़े चार लाख हिमाचली परिवार भारतीय सेना से जुड़े हैं। कारगिल युद्ध में हिमाचल के 52 वीरों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि दशकों से सैनिक वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे थे, जिसे लागू करने का कार्य नरेंद्र मोदी सरकार ने किया। किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर अमित शाह और सी. आर. पाटिल की पहल से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर वर्षों से लंबित मतभेदों का समाधान किया गया। 15 सितंबर 2026 को छह राज्यों द्वारा किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे परियोजना के आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने कहा कि वर्षों तक लंबित इस महत्वपूर्ण विषय का समाधान नरेंद्र मोदी सरकार ने सभी संबंधित राज्यों को साथ लेकर किया है।