अनुराग सिंह ठाकुर वर्ष 2026-27 के लिए कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष पुनर्नियुक्त

संसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित समिति के नेतृत्व में भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को सशक्त बनाने पर रहेगा विशेष ध्यान

अनुराग सिंह ठाकुर वर्ष 2026-27 के लिए कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष पुनर्नियुक्त
पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से पांच बार के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर को वर्ष 2026-27 के लिए कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति का अध्यक्ष पुनर्नियुक्त किया गया है। उनके पिछले कार्यकाल के दौरान समिति के उत्कृष्ट प्रदर्शन और प्रभावी कार्यप्रणाली को इस पुनर्नियुक्ति के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देखा जा रहा है। वर्ष 2025-26 के दौरान अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में समिति को प्रतिष्ठित संसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान समिति के उत्कृष्ट संसदीय कार्य, प्रभावी निगरानी, विषयों के गहन अध्ययन तथा देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक हस्तक्षेप के लिए प्रदान किया गया। पुनर्नियुक्ति पर आभार व्यक्त करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में पुनः जिम्मेदारी मिलना उनके लिए विनम्रता और कृतज्ञता का विषय है। उन्होंने इस विश्वास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा निरंतर मार्गदर्शन के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पिछले कार्यकाल में समिति ने संसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित होने के साथ उत्पादन क्षमता एवं दक्षता बढ़ाने, सतत खनन को प्रोत्साहित करने, आधारभूत संरचना के आधुनिकीकरण तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सुदृढ़ करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता और उद्देश्यपूर्ण दृष्टिकोण के साथ कार्य किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए कार्यकाल में भी समिति इन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी विचार-विमर्श और संसदीय निगरानी जारी रखेगी। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। ऐसे में देश के कोयला, खनन एवं इस्पात क्षेत्र ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने, औद्योगिक विकास को गति देने और आधारभूत संरचना की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने, पर्यावरणीय स्थिरता और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करना समिति की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। संसदीय दायित्वों के अतिरिक्त अनुराग सिंह ठाकुर विभिन्न महत्वपूर्ण संसदीय समितियों में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इनमें लोक लेखा समिति (PAC) के सदस्य, ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ संबंधी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के सदस्य, 130वें संविधान संशोधन संबंधी संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य, ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान’ विधेयक संबंधी संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य तथा विद्युत मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य के रूप में उनकी जिम्मेदारियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अनुराग सिंह ठाकुर हिमाचल प्रदेश स्थित एम्स बिलासपुर तथा एम्स बठिंडा के शासी एवं संस्थागत निकायों से जुड़े दायित्वों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा से संबंधित संस्थानों के विकास में भी योगदान दे रहे हैं।