8वें स्थापना दिवस पर और अत्याधुनिक हुई सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा: अनुराग सिंह ठाकुर
8वें स्थापना दिवस पर और अत्याधुनिक हुई सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा: अनुराग सिंह ठाकुर
अस्पताल सेवा अब हेल्थ एटीएम, हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन, ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग मशीन जैसी AI तकनीक सुविधाओं से लैस: अनुराग सिंह ठाकुर
हिमाचल में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में क्रांति बनी सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा: अनुराग सिंह ठाकुर
सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा से 8 वर्षों में 11,52,681 लोगों को मुफ्त जांच, दवा व उपचार: अनुराग सिंह ठाकुर
जन स्वास्थ्य के 8 साल, हर घर-हर द्वार अस्पताल: अनुराग सिंह ठाकुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रयास संस्था के सहयोग से संचालित अस्पताल – सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा ने 14 अप्रैल 2026 को अपनी 8 वर्षों की सफल यात्रा पूरी की है। जनसेवा के 9वें वर्ष में प्रवेश करते हुए सेवा को और अत्याधुनिक बनाने की दिशा में AI तकनीक से लैस हेल्थ एटीएम, हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन तथा ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग मशीन जैसी सुविधाओं को जोड़ा गया और जनहित में समर्पित किया गया। इस अवसर पर अवाह देवी में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर, विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल व आशीष शर्मा, महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व विधायक कमलेश कुमारी, भाजपा नेता रजत ठाकुर व वंदना गुलेरीया, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विजय बहल, प्रयास संस्था के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
8वें स्थापना दिवस के अवसर पर अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि 14 अप्रैल 2018 को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर हिमाचल प्रदेश की जनता के उत्तम स्वास्थ्य के उद्देश्य से सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की शुरुआत की गई थी। तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट से शुरू हुई यह पहल आज 32 यूनिट तक पहुंच चुकी है और 11 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित कर चुकी है।
उन्होंने बताया कि यह सेवा 8 जिलों की 26 विधानसभा क्षेत्रों के 7000 से अधिक गांवों और 1008 से ज्यादा पंचायतों तक पहुंची है। 25,000 से अधिक स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 11 लाख से अधिक मरीजों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह सेवा भविष्य में भी घर-घर पहुंचकर जनसेवा का कार्य निरंतर जारी रखेगी।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि सेवा को और सशक्त बनाने के लिए AI तकनीक आधारित आधुनिक उपकरण जोड़े गए हैं। हेल्थ एटीएम 10 से 12 मिनट में 60 से अधिक क्लिनिकल पैरामीटर्स की जांच करने में सक्षम है, जिससे डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी बीमारियों का प्रारंभिक पता लगाया जा सकता है।
हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन उच्च-रिजोल्यूशन AI इमेजिंग तकनीक से लैस है, जो मात्र 2 सेकंड में इमेज उपलब्ध कराती है और टीबी सहित फेफड़ों की बीमारियों की पहचान में सहायक है। वहीं, ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग मशीन रेडिएशन-मुक्त, नॉन-कॉन्टैक्ट और AI आधारित तकनीक पर काम करती है, जो 12-15 मिनट में जांच कर जोखिम का आकलन करती है, जिससे महिलाओं के लिए स्क्रीनिंग अधिक सुरक्षित और सहज बनती है।
बीएफआई के डायरेक्टर ऑपरेशंस एंड आउटरीच फ़राज़ फ़ारूक़ी ने कहा कि संस्था हर घर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और समय पर किया गया स्वास्थ्य परीक्षण भविष्य की बड़ी बीमारियों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में सेवा ने 9,21,000 किलोमीटर की दूरी तय कर 25,000 शिविरों के माध्यम से 3,41,278 विभिन्न स्वास्थ्य जांचें की हैं और 11,52,681 लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं।
उन्होंने बताया कि संस्था ने हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों में नेत्र परीक्षण, मल्टी-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य शिविरों और कैंसर जांच शिविरों का भी आयोजन किया, जिनमें महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी सबसे अधिक रही। नेत्र जांच शिविरों में सभी प्रकार के चश्मे भी निशुल्क उपलब्ध करवाए गए।
उन्होंने कहा कि 2018 में शुरू हुई यह सेवा आज 32 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के साथ एक व्यापक अभियान बन चुकी है। प्रत्येक यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन और पायलट की टीम होती है, जो 40 प्रकार के मेडिकल टेस्ट करने में सक्षम है। मरीजों को मुफ्त दवाएं भी उपलब्ध करवाई जाती हैं।
उन्होंने कहा कि इस सेवा से सबसे अधिक लाभ महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को मिला है, जिसमें 65 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं। साथ ही संस्था ने महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान किए हैं और वर्तमान में लगभग 50 प्रतिशत कर्मचारी महिलाएं हैं।